दक्ष कार्की ने बरेली उत्तरायणी महोत्सव में, अपने गीत से दर्शको को बनाया अपना मुरीद



उत्तराखण्ड विख्यात लोकगायक स्वर्गीय पप्पू कार्की के बेटे दक्ष कार्की ने इतनी छोटी उम्र में जहाँ गायिकी की बारीकियों को सीखकर उत्तराखण्ड लोकसंगीत में अपनी पकड़ बना ली है, उस से तो यही कहा जा सकता है, की दक्ष कार्की अब अपने पिता की विरासत को भली भांति सम्भाल सकता है। दक्ष कार्की बहुत से मंच प्रोग्राम दे चूका है , जिसमे से जोहार महोत्सव और अल्मोड़ा  के लमगड़ा ब्लाक के माँ भगवती रामलीला कमेटी का कार्यक्रम सबसे विशेष रहा। उत्तराखण्ड के लोगो के दिलो की धड़कन बनने के बाद अब दक्ष कार्की उत्तरप्रदेश में भी अपनी आवाज का जादू बिखेर रहे है। उत्तरायणी महोत्सव में दक्ष कार्की ने बरैली में अपनी बेहतरीन पेशकश से लोगो का दिल जीत लिया। दक्ष कार्की इतने काम समय में आज लाखो लोगो की धड़कन बन चुके है , और अपनी कामयबी के रूप में अपने पिता के यूटुब चैनल को सिल्वर बटन दिलाकर उनका सपना भी साकार कर दिया।




यह भी पढ़े-लोकगायक स्व. पप्पू कार्की के बेटे दक्ष कार्की अपने पिता के गीतों को दे रहे है अपनी आवाज
देवभूमि दर्शन से खाश बात चित: बता दे की उत्तरायणी जनकल्याण समिति की ओर से आयोजित उत्तरायणी मेले में जहाँ उत्तराखण्ड लोक संस्कृति से बरेली शहर महक उठा वही दक्ष कार्की ने अपनी जादुई आवाज से बरेली में सभी को अपना मुरीद बना दिया। देवभूमि दर्शन से खाश बात चित में छितकु हिवाल प्रोडेक्शन के निर्माता देबू पांगती ने बताया की कुमाउँनी लोकगायक पूरन दानू और उनकी उनकी टीम दिनांक 12 जनवरी को बरेली में उत्तरायणी महोत्सव में पहुंची जहाँ पर दक्ष कार्की ने अपनी प्रस्तुति दी। दक्ष कार्की ने अपने पिता के सुप्रसिद्ध गीत सुनले दगड़िया बात सुनी जा को जैसे ही अपनी आवाज दी दर्शक भावुक हो बैठे। बताते चले की बरेली में बृहस्पतिवार से उत्तरायणी मेले का आयोजन भिन्न भिन्न स्थानों पर चल रहा है। सबसे पहले बृहस्पतिवार को बरेली क्लब के मैदान में आयोजित उत्तरायणी महोत्सव में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति की झलक दिखी फिर उसके उत्तरायणी मेले का रविवार को डीआईजी राजेश पांडे ने शुभारंभ किया। पहली बार मेले में बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और जागेश्वरधाम के फ्लैक्स लगाकर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां हजारों लोगों ने सेल्फी क्लिक की।




इसके साथ ही मेला परिसर में लगे पहाड़ी औषधियों, कपड़ों, मसालों, बाल मिठाई, अनाज, अचार आदि सामान के सवा सौ स्टालों पर भी भीड़ लगी रही। लोक गायकों में ललित मोहन जोशी, दर्शन फरस्वाण, जगदीश आर्या, आनंद रोधियाल, नारायण सिंह दुग्ताल, रेखमा शाह के साथ उत्तराखंड आर्या सांस्कृतिक कला मंच, उत्तरांचल दीप पर्वतीय समाज समिति, सिविल लाइंस सांस्कृतिक कलामंच, सांस्कृतिक कलामंच चंद्रगुप्त पुरम बाईपास, पर्वतीय मंथन सांस्कृतिक रंगमंच समेत सोलह स्थानीय टीमों ने प्रस्त़ुति दी।
यह भी पढ़े- जोहार महोत्सव हल्द्वानी में अपने गीत से छा गया नन्हा दक्ष कार्की, अपना स्नेह और आशीर्वाद दे



लेख शेयर करे

Comments

Devbhoomidarshan Desk

Devbhoomi Darshan site is an online news portal of Uttarakhand through which all the important events of Uttarakhand are exposed. The main objective of Devbhoomi Darshan is to highlight various problems & issues of Uttarakhand. spreading Government welfare schemes & government initiatives with people of Uttarakhand.