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पहाड़ी से गिरे मलवे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल आपदा पीड़ित राहत के लिए मोहताज

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पहाड़ी से गिरे मलवे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल आपदा पीड़ित राहत के लिए मोहताज




राज्य सरकार के आपदा पीड़ितों को राहत के बड़े बड़े वादे और दावे एक बार फिर खोखले शाबित हुए। इसका जीता जागता उदाहरण है पिथौरागढ़ के धारचूला कस्बे में आपदा की चपेट में आई इण्टर की छात्रा प्रियंका। क्षेत्र के वरिष्ठ आरटीआई कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह के द्वारा इस मामले को सोशल मीडिया के संज्ञान में लाया गया ,जिसमे वरिष्ठ समाज सेवी व आरटीआई कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्डा ने बताया की राजकीय इण्टर कॉलेज धारचूला के कक्षा 12 की छात्रा प्रियंका( 18 वर्ष ), जो कि दिनांक 29 जुलाई को स्कूल से पढ़कर अपने गाँव खोतिला लौट रही थी की अचानक रास्ते में पहाड़ से गिर रहे मलवे पत्थरों की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। जिसको उप जिलाधिकारी धारचूला के द्वारा हेलीकॉप्टर से हल्द्वानी भेजा गया लेकिन हेलीकॉप्टर ने पिथौरागढ़ ही उसे उतार दिया।





श्री चड्डा द्वारा बताया गया है की घायल छात्रा के परिजनों ने पिथौरागढ़ के ही एक निजी अस्पताल में 3 हजार रूपये में उसका सिटी स्केन करवाया । निर्धन मजदूर परिवार फिर किसी प्रकार 6 हजार रूपये में किराए की एम्बुलेंस करके 30 जुलाई की रात सवा नौ बजे सुशीला तिवारी अस्पताल / राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी पहुंचे जहां मेडिकल कालेज प्रशासन द्वारा न्यूरो सर्जन न होने के कारण उन्हें अन्यत्र जाने को कह दिया गया। उनकी माँ मीना देवी ने मजबूरी में प्रियंका को विवेकानंद हॉस्पिटल में रात 10 बजे आईसीयू में भर्ती करवाया। जहां उसकी स्थिति गम्भीर बनी हुई है।





श्री चड्डा द्वारा बताया गया है की प्रियंका के कंधे ,सिर ,चेहरे और पेट मे चोट लगी हैं इसके साथ ही सिर से खून कान के रास्ते निकल रहा है जिसमे हड्डी भी फ्रेक्चर हुई हैं। छात्रा के परिजन अत्यंत निर्धन है और परिवार के पास जो भी जमा पूंजी थी वो सब उसके सिटी स्केन और अन्य उपचारो में लग गए। जबकि निर्धन वर्ग के लिए राजकीय मेडिकल कालेज में यह पूरा इलाज निःशुल्क है। गरीब परिवार के लिए निजी अस्पताल का खर्च उठाना संभव नहीं है।





वरिष्ठ समाज सेवी व आरटीआई कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्डा ने सरकार के आपदा पीड़ितों को दी जाने वाली राहत कार्य को खोखला बताया। उन्होंने कहा अपने स्तर से सक्षम अधिकारियों पर इस आपदा पीड़ित आर्थिक रूप से निर्बल बच्ची के खर्च की व्यवस्था करने के लिए लामबंद हों, और भविष्य में किसी आर्थिक रूप से जरूरतमंद व्यक्ति के साथ ऐसी निष्ठुरता न हो, इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों को उनके दायित्व का बोध कराएं और मेडिकल कालेज हल्द्वानी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर कराएं, ताकि कुमाऊँ के सबसे बड़े अस्पताल से किसी जरूरतमंद रोगी को लौटना न पड़े।





बेटी की मदद के लिए आए आगे – वरिष्ठ समाज सेवी व आरटीआई कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्डा द्वारा उत्तराखण्ड के सभी लोगो से मदद की गुहार लगाई जा रही है ,आप लोग भी इस बेटी की आर्थिक सहायता के लिए आगे आए । जो लोग भी घायल छात्रा की मदद करना चाहते है, वह प्रियंका की बहन कल्पना के खाता संख्या- 36723680895  भारतीय स्टेट बैंक ऋषिकेश ,आईएफसी कोड- SBIN0001180 के माध्यम से मदद कर सकते है या फिर स्वयं अस्पताल पहुंचकर भी प्रियंका की मदद कर सकते है।

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