उत्तराखण्ड नैनीताल
उत्तराखण्ड: विमल भट्ट बने एसएसबी में असिस्टेंट कमांडेंट, द्वाराहाट से की थी इंजीनियरिंग
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Uttarakhand: एसएसबी(SSB) में असिस्टेंट कमांडेंट (Assistant Commandant) बनें विमल भट्ट, बीते सोमवार को भोपाल में हुई पासिंग आउट परेड के बाद हुए एसएसबी में सम्मिलित..
राज्य के युवा भारतीय सेना में जाकर देशसेवा करने को कितने लालायित रहते हैं इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आज जनसंख्या के लिहाज से छोटा राज्य होने के बावजूद भी उत्तराखंड (Uttarakhand) के वाशिंदे सर्वाधिक संख्या में देश की सेनाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यही कारण है कि राज्य के युवाओं के सेना प्रेम से आज हर कोई वाकिफ हैं। आज हम आपको राज्य के एक और ऐसे ही होनहार बेटे से रूबरू करा रहे हैं जो कठिन प्रशिक्षण को प्राप्त कर बीते सोमवार को भोपाल मध्यप्रदेश में हुई पासिंग आउट परेड के बाद सशस्त्र सीमा बल (SSB) में असिस्टेंट कमांडेंट(सहायक कमांडेंट) (Assistant Commandant) बन गए हैं। जी हां.. हम बात कर रहे हैं राज्य के नैनीताल जिले के रहने वाले विमल भट्ट की, जिन्होंने एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। विमल की इस अभूतपूर्व उपलब्धि से जहां उनके परिवार में हर्षोल्लास का माहौल है वहीं पूरे क्षेत्र में भी खुशी की लहर है।
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देवभूमि दर्शन से खास बातचीत:-
प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से राज्य के पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट तहसील निवासी विमल भट्ट सशस्त्र सीमा बल में असिस्टेंट कमांडेंट(सहायक कमांडेंट) बन गए हैं। बता दें कि वर्तमान में उनका परिवार राज्य के नैनीताल जिले के हल्द्वानी तहसील के पनियाली गांव में रहता है। देवभूमि दर्शन से हुई खास बातचीत में विमल ने बताया कि वह 2019 में इस पद के लिए चयनित हुए थे, इस दौरान मेरिट सूची में उन्हें पूरे देश में 17वीं रैंक हासिल हुई थी। जिसके बाद उन्होंने एसएसबी अकादमी भोपाल में प्रवेश लिया। जहां से कठिन प्रशिक्षण प्राप्त कर बीते सोमवार 22 फरवरी 2021 को हुई पासिंग आउट परेड के दौरान वह एसएसबी में बतौर असिस्टेंट कमांडेंट सम्मिलित हो गए हैं। बताते चलें कि अपनी प्रारम्भिक शिक्षा द मास्टर्स स्कूल हल्द्वानी से प्राप्त करने वाले विमल के पिता मोहन चंद्र भट्ट शटरिंग का बिजनेस चलाते हैं। इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने के पश्चात विमल ने द्वाराहाट इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की डिग्री प्राप्त की है। एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले विमल ने अपनी इस अभूतपूर्व सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है।
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