Trivendra Rawat IAS Association : हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य के खान सचिव ब्रजेश संत पर की अप्रत्यक्ष टिप्पणी, शेर कुत्तों का शिकार नहीं करते, राजनीति में मचा बवाल.. Trivendra Rawat IAS Association : इन दिनों पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत खूब सुर्खियों में चल रहे हैं दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश में अवैध रूप से चल रहे खनन का मुद्दा उठाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजधानी देहरादून हरिद्वार नैनीताल और उधम सिंह नगर जिले में रात के समय अवैध रूप से खनन ट्रकों का संचालन किया जा रहा है जो न केवल कानून और पर्यावरण सुरक्षा के लिए खतरा बन रहा है बल्कि आम जनता के लिए भी एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है बावजूद इसके प्रदेश मे खनन माफिया रात के समय बिना वैध अनुमति के ट्रकों में क्षमता से अधिक खनिजों की तस्करी कर रहे हैं जिससे सड़कों और पुल के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसके साथ ही ट्रैकों को लापरवाही और तेज गति से चलाया जा रहा है जिससे सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही है जिसमें अभी तक कई लोगों की जान जा चुकी है। इस पूरे प्रकरण का जिम्मेदार त्रिवेंद्र सिंह रावत ने स्थानीय प्रशासन और सरकार को ठहराया है जो इस पर किसी भी प्रकार की कोई कठोरता कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार के सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य के खान सचिव ब्रजेश संत पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी करते हुए कहा कि शेर कभी कुत्तों का शिकार नहीं करते। दरअसल ब्रजेश संत दलित समुदाय से आते हैं इसलिए पूर्व सीएम की इस टिप्पणी को लोग जातिसूचक के रूप में देख रहे हैं जिसने राजनीति हलचलो को बढ़ा दिया है। वहीं त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा दिया गया बयान विवाद का रूप लेने लगा है।
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अभी तक मिली जानकारी के अनुसार बीते शुक्रवार को संसद में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध खनन के मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि प्रदेश में लगातार खनन हो रहा है जिस पर सरकार व प्रशासन को उचित कार्यवाही करनी चाहिए लेकिन खान सचिव ब्रजेश संत ने उनके दावों को गलत ठहराते हुए भ्रामक जानकारी देने की बात कही। इतना ही नहीं जब बल्कि बीते शनिवार को दिल्ली में त्रिवेंद्र सिंह रावत से ब्रजेश संत के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि शेर कुत्तों का शिकार नहीं करते। त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस बयान के बाद हरिद्वार के जटवाड़ा क्षेत्र में जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने त्रिवेंद्र रावत के आरोप को खारिज करते हुए पारदर्शी नीतियों के चलते राज्य का खनन राजस्व 3 गुना होने की बात कही जबकि दूसरे नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार पर अवैध खनन को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर अवैध खनन के खिलाफ कार्यवाही न करने का जिम्मेदार ठहराया है उनका कहना है कि नदियां और उनकी सहायक धाराओं को माफिया ने खोद डाला है जिस पर अभी तक सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया है। वही हरीश रावत ने त्रिवेंद्र सिंह रावत की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को अधिकारियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार व मर्यादा में रहकर टिप्पणी करनी चाहिए। त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस आपत्तिजनक बयान के बाद बीते 30 मार्च को उत्तराखंड आईएएस संगठन ने आपात बैठक बुलाई जिसमें आनंद वर्धन की अध्यक्षता में हुई बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया कि IAS अधिकारी भी आम नागरिकों की तरह सम्मान और गरिमा के हकदार हैं इसलिए उनके प्रति ऐसे बयान करना कदापि उचित नहीं है जिससे उनके आत्म सम्मान और कार्य क्षमता तथा उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचे। IAS संगठन ने कहा कि उनके सदस्य सरकार की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और रचनात्मक आलोचना का स्वागत करते हैं लेकिन किसी को प्रशासनिक कार्य प्रणाली से कोई शिकायत है तो वह उचित प्रशासनिक चैनल के माध्यम से इसे उठा सकते हैं।