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दक्ष कार्की फिर से अपने गीत "अल्मोड़ा में घर छू तेरो रानीखेता में पिछाण तेरी" से छा गया

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दक्ष कार्की फिर से अपने गीत “अल्मोड़ा में घर छू तेरो रानीखेता में पिछाण तेरी” से छा गया

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दक्ष कार्की फिर से अपने गीत "अल्मोड़ा में घर छू तेरो रानीखेता में पिछाण तेरी" से छा गया



उत्तराखण्ड के महान लोकगायक स्व.पप्पू कार्की जो लाखो लोगो की धड़कन बनकर सबको अपनी अमर आवाज देकर अलविदा कह गए , आज उन्ही का बेटा दक्ष कार्की फिर से लाखो दिलो की पहचान बनकर अपने पिता के गीतों को अपनी आवाज दे रहा है। इतनी छोटी सी उम्र में संगीत की बारीकियों और उतार चढ़ाव को सिख लेना शायद इसे एक चमत्कार या ईश्वर का उपहार ही कहेंगे। दक्ष कार्की के गीत ” सुन रे दगड़िया बात सुनी जा ” को यूट्यूब पर अब तक 13 लाख से ऊपर लोग देख चुके है और इस भावुक गीत को देखकर हर किसी की आंखे नम हो गयी। समाजसेवक हरीश रावत द्वारा दक्ष कार्की की एक वीडियो जब अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर शेयर की गयी तो हजारो लोगो ने उसे पसंद किया। जिसमे वो समाजसेवक हरीश रावत की गोद में बैठा है और कुछ मस्ती भरे मिजाज में ” अल्मोड़ा में घर छू तेरो रानीखेता में पिछाण तेरी ” को गुनगुना रहा है। हरीश रावत द्वारा स्व. पप्पू कार्की के विषय में कुछ जानकारिया हमारे साथ साझा की गयी।




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देवभूमि दर्शन से खाश बात चित- देवभूमि दर्शन से खाश बात चित में समाजसेवी हरीश रावत ने बताया की ये वीडियो तब का है जब वो स्व. पप्पू कार्की के निधन के पश्चात् उनके गाँव सैलावन उनके परिवार की आर्थिक सहायता के लिए गए थे। हरीश रावत बताते है की जब भी वो पप्पू कार्की को अपने सामजिक कार्यक्रमों में आमंत्रण के लिए फ़ोन करके बुलाते थे तो वो चप्पल पहनकर ही दौड़ आते थे। इतनी सादगी भरी थी स्व. पप्पू कार्की की जिंदगी।

दक्ष कार्की फिर से अपने गीत "अल्मोड़ा में घर छू तेरो रानीखेता में पिछाण तेरी" से छा गया


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स्व.पप्पू कार्की के परिवार को ढाडस बधाते समाजसेवी हरीश रावत और उनकी टीम
दक्ष कार्की फिर से अपने गीत "अल्मोड़ा में घर छू तेरो रानीखेता में पिछाण तेरी" से छा गया



अभी तो असली मंजिल पाना बाकी है
अभी तो इरादों का इम्तिहान बाकी है
अभी तो तोली है मुठ्ठी भर जमीन
अभी तौलना आसमान बाकी है
हुनरमंद दक्ष कार्की भी उपरोक्त पंक्तिया पर एक दिन जरूर खरा उतरेगा
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