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उत्तराखण्ड

पौड़ी गढ़वाल

चाचा ने बेटी की चिता को मुखाग्नि दी, गमगीन माहौल में हुआ पहाड़ की ‘निर्भया’ का अंतिम संस्कार, हर किसी की आँख से छ्लके आंसू

पौड़ी  के कफोलस्यूं पट्टी के एक गांव की छात्रा को जिंदा जलाए जाने की घटना के बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसकी उपचार के दौरान मौत के बाद उसका शव उसके गांव लाया गया।  छात्रा को 16 दिसंबर की शाम एक सिरफिरे युवक ने पेट्रोल डालकर जिंदा आग के हवाले कर दिया था। छात्रा ने रविवार को दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में अंतिम सांस ली। माँ जहाँ बेटी के मौत से सदमे में है, वही  बेटी को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। सोमवार को गांव के पैतृक घाट पर छात्रा का अंतिम संस्कार किया गया और गांव के पैतृक घाट पर चाचा ने बेटी की चिता को मुखाग्नि दी। जनता में इस ह्रदय विदारक मामले को लेकर बहुत आक्रोश है, जनता द्वारा आरोपी को तुरंत फाँसी की मांग की जा रही है।
पौड़ी में जिंदा जलाई गई छात्रा नहीं बच सकी, सिरफिरा दरिंदा दे रहा अपनी सफाई




गौरतलब है की सिरफिरे द्वारा दिनदहाड़े जलाई गई पौड़ी गढ़वाल की बेटी रविवार सुबह जिंदगी की जंग हार गई। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसका निधन हो गया। बता दें कि बुधवार को 70 फीसदी जली हुई हालत में पीड़िता को ऋषिकेश एम्स से एयर एंबुलेंस से दिल्ली लाया गया था।  19 दिसंबर सुबह छात्रा को एयर एंबुलेंस से सफदरजंग अस्पताल दिल्ली रेफर किया गया। रविवार सुबह छात्रा ने उपचार के दौरान अस्‍पताल में दम तोड़  दिया। 16 दिसंबर को लड़की अपने कॉलेज से शाम के समय प्रयोगिक परीक्षा देकर घर वापस लौट रही थी। एक जगह बीच रास्ते में मनोज सिंह नाम के आरोपी ने उस पर पेट्रोल डालकर जला दिया था।पोस्टमार्टम हो जाने के बाद रविवार दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब लड़की का पूरा परिवार शव को लेकर उत्तराखंड के लिए रवाना हो गया। जनप्रतिनिधियों सहित अनेक गणमान्य लोगों ने दिवंगत छात्रा को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से छात्रा के गांव और जिला मुख्यालय में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सोमवार को गांव के पैतृक घाट पर चाचा ने बेटी की चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान विधायक पौड़ी मुकेश कोली, पालिकाध्यक्ष पौड़ी यशपाल बेनाम, ब्लाक प्रमुख कोट सुनील लिंगवाल, ज्येष्ठ प्रमुख कल्जीखाल महेंद्र कुमार, कनिष्ठ प्रमुख कल्जीखाल दर्मियान सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य अनूप कंडारी, एडीएम रामजी शरण शर्मा इत्यादि मौजूद थे।





पहाड़ में हुए इस खौफनाक वारदात से आज पूरा उत्तराखंड शर्मसार हो गया है , ऐसे मनचलो की वजह से आज पहाड़ की बेटियाँ भी अपने को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है।देवभूमि उत्तराखंड में आजतक ऐसी ह्रदयविदारक वारदात पहले कभी घटित नहीं हुई थी।

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