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उत्तराखण्ड नैनीताल

सोशल मीडिया पर सब के जेहन में बस एक सवाल …जब डूब रहा था जवान, कहा थे ट्रेनर???

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कुमाऊं रेजिमेंट के न‌ए भर्ती हुए जवान की ट्रेनिंग के दौरान मौत से समूचे प्रदेश में शौक की लहर है.. घर पर अकेली मां तो बार-बार बेटे की तस्वीर देखकर बेसुध हो जा रही है। जहां पहाड़ में अचानक हुई मौत से हर कोई सकते में है वहीं सोशल मीडिया पर हर किसी की जुबां पर एक ही सवाल है कि आखिर जब प्रशिक्षण के दौरान जवान डूब रहा था तब ट्रेनर कहा था?? स्विमिंग पुल कोई तेज बहाव वाली जगह नहीं होती जहां डूब रहे व्यक्ति को बचाया ना जा सकें तो फिर आखिर किसी ने मौत का शिकार हुए जवान को बचाने की कोशिश क्यों नहीं की?? जबकि जवान पहले ही बता चुका था कि उसे तैरना नहीं आता। ये सवाल सीधे कुमाऊं रेजिमेंट को कटघरे में खड़ा करने के लिए काफी है। यह हम नहीं कह रहे हैं अपितु सोशल मीडिया पर वायरल तमाम पोस्ट एवं कमेंट्स में लोग आपको इन सवालों को पूछते हुए मिल जायेंगे। मृतक जवान के बहुत से दोस्त तो मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी करने लगे हैं।




गौरतलब है कि नैनीताल जिले के धारी ब्लाक के बबियाड़ गांव के रहने वाले देवेन्द्र सिंह सम्मल दो महीने पहले सेना में भर्ती हुआ था। इन दिनों उसकी अल्मोड़ा जिले के रानीखेत में स्थित कुमाऊं रेजिमेंट केन्द्र में नौ महीने की शुरुआती ट्रैनिंग चल रही थी। शनिवार को वह रानीखेत के ही सोमनाथ मैदान स्थित स्विमिंग पुल में अपने साथी प्रशिक्षुओं के साथ तैराकी का प्रशिक्षण ले रहा था। प्रशिक्षण के दौरान वह स्विंमिग पुल में डूब गया। सेना के जवानों ने उसे स्विमिंग पुल से बाहर निकालकर माल रोड स्थित सैन्य अस्पताल पहुंचाया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रविवार को जवान के पार्थिव शरीर का राजकीय अस्पताल में पुलिस व सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान वहां मृतक का भाई तारा सिंह, चाचा जीवन सिंह, संतोष सिंह सम्मल आदि लोग भी मौजूद थे। इसके बाद सेना के जवानों ने मृतक रिक्रूट को गार्ड ऑफ आनर देकर उसके पार्थिव शरीर को अपने विशेष वाहन से उसके घर भेज दिया। जहां गांव के ही पैतृक घाट पर आज सुबह उसका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उसकी अंतिम यात्रा में सेना के जवानों सहित उमड़े जनसैलाब ने उसे नम आंखों से आखिरी विदाई दी।

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