उत्तराखण्ड देहरादून
पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक की बेटी बनीं सेना में कैप्टन, वर्दी में बेटी की सलामी से गौरवान्वित हुए पिता
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उत्तराखण्ड की बेटियाँ आज किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है ,बीते 15 दिसंबर हैदराबाद स्थित एयरफोर्स अकादमी में 15 दिसंबर को हुई पासिंग आउट परेड सेरेमनी में उत्तराखण्ड से जहाँ काजल पांडे वायुसेना में पायलट बनी, वही उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की बेटी श्रेयशी निशंक सेना में अफसर बन गई है। इस खास अवसर पर लखनऊ में आयोजित पासिंग आउट परेड में खुद डॉ. निशंक मौजूद रहे। डॉ. रमेश पोखरियाल कहते है ,आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं ,और हमारा फर्ज बनता हैं कि हम अपनी बेटियों को बेटों के बराबर शिक्षा दिलवाने का काम करें।
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बता दे की बचपन से ही सेना में जाकर देशसेवा करने का सपना रखने वाली डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की बेटी श्रेयशी निशंक सेना में कैप्टन बन गयी है। श्रेयशी निशंक ने दून के स्कॉलर्स होम सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं पास करने के बाद हिमालयन मेडिकल कॉलेज जौलीग्रांट से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। बेटी के सेना ज्वाइन करने पर जहाँ उनके पूरे परिवार में खुशी का माहौल है, वही डॉ. रमेश पोखरियाल कहते है, मुझे गर्व हो रहा है कि हमारे परिवार से मेरी बेटी पहली सैन्य अफसर बनी है। श्रेयशी पोखरियाल की फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है। मुझे इस बात की खुशी है कि मेरी बेटी ने उत्तराखण्ड की उच्च परंपरा को जीवित रखने में योगदान दिया है। मैं प्रदेश और देश की सभी बेटियों को आह्वान करना चाहता हूं कि उन्हें सेना को बतौर कैरियर चुनकर उत्तराखण्ड और देश को गौरान्वित करना चाहिए ।
मित्रों आज का दिन मेरे लिए अत्यंत गौरवशाली है क्योंकि आज बेटी श्रेयशी निशंक ने विधिवत सेना में आर्मी मेडिकल सर्विसेज के MOBC 224 कोर्स को सफलता पूर्वक पूरा कर लिया है । उत्तराखण्ड वीर भूमि रही है, जहां हर परिवार से औसतन एक व्यक्ति सेना में भर्ती होकर देश की रक्षा करता है । pic.twitter.com/PjbOngqdft
— Dr.Ramesh Pokhriyal (@DrRPNishank) December 22, 2018
रमेश पोखरियाल ने कहा मित्रों आज का दिन मेरे लिए अत्यंत गौरवशाली है, क्योंकि आज बेटी श्रेयशी निशंक ने विधिवत सेना में आर्मी मेडिकल सर्विसेज के MOBC 224 कोर्स को सफलता पूर्वक पूरा कर लिया है । उत्तराखण्ड वीर भूमि रही है, जहां हर परिवार से औसतन एक व्यक्ति सेना में भर्ती होकर देश की रक्षा करता है ।
