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alt="chavi become locopilot"

उत्तराखण्ड

हरिद्वार

उत्तराखण्ड की बेटी छवि, घर पर तैयारी कर के ही बनी “लोको पायलट” ….अब चलाएगी ट्रैन

alt="chavi become locopilot"देवभूमि उत्तराखण्ड की कुछ होनहार बेटियाँ आज हर क्षेत्र में उच्च पदों पर आसीन है , कोई नेवी में अफसर है तो कोई अनुसंधान केन्द्रो में वैज्ञानिक, इसी कड़ी को बरक़रार रखते हुए और फिर एक बार उत्तराखण्ड की बेटी ने समूचे प्रदेश को गौरवान्वित किया है। देवभूमि की बेटी आज पूरे देश की बेटियों के लिए एक मिशाल बनकर सामने आई है। जी हां है, बात कर रहे है रुड़की क्षेत्र से लोको पायलट के लिए चयनित होने वाली छवि की। बता दे की छवि अब बहुत जल्दी ट्रेन चलाएंगी। सबसे खाश बात तो ये है की छवि रुड़की क्षेत्र की अकेली ऐसी लड़की है, जिसका चयन लोको पायलट के रूप में हुआ है। बेटी की इस कामयाबी से परिवार में बेहद खुशी का माहौल है साथ ही बधाई देने वालो का ताँता घर पर लगा हुआ है। प्रतियोगिता के इस दौर में छवि 70 लाख अभ्यर्थियों के बिच में से चयनित होकर आई है। बताते चले की कुल 70 लाख अभ्यर्थियों में से 65 हजार चयन हुआ है।




इलेक्ट्रॉनिक्स में किया डिप्लोमा अब बनी लोको पायलट :  छवि कैंथ ने रुड़की के केएल पॉलिटेक्निक से इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा किया है। इसके बाद कुछ प्राइवेट कम्पनियो में नौकरी की तलाश के बाद घर पर ही सरकारी नौकरी की तयारी करने लगी और इसी दौरान छवि ने भारतीय रेलवे के अंतर्गत लोको पायलट बनने हेतु आवेदन किया। जिसमे उनका चयन हो गया। छवि कैंथ ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपनी माता-पिता को देती है जिन्होंने हर कदम पर उन्हें गाइड किया और आज उसी के बदौलत वो अपने करियर के एक अच्छे मुकाम पर जा पहुंची है। छवि के पिता अनिल कैंथ रुड़की स्थित लॉर्ड कृष्णा पब्लिक स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। इसके साथ ही खुशी की बात ये भी है की छवि रूड़की क्षेत्र से पहली महिला लोको पायलट होंगी।




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