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उत्तराखण्ड की मशहूर लोकगायिका आशा नेगी बिस्मिल्लाह खान युवा पुरुस्कार 2017 से हुई सम्मानित





उत्तराखण्ड के लोकगीतों की बात करे तो उसमे लोकगायिका आशा नेगी अपना एक विशेष नाम रखती है जिन्होंने अपनी मधुर आवाज से हर तरह के पहाड़ी गीत दिए है चाहे वो झोड़ा चाचरी हो या कोई खुदेड़ गीत। आशा नेगी का उत्तराखण्ड लोकसंगीत और संस्कृति के प्रचार प्रसार में अत्यधिक योगदान है। वो हमेशा से ही उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति के ध्वजवाहक रही है और सबसे ज्यादा गीत लोकगायक़ बलबीर राणा के साथ दिए है। वैसे तो आशा नेगी उत्तराखण्ड़ लोकसंगीत के सम्राट गढ़रत्न नरेंद्र नेगी व अन्य गायको को प्रेरणास्रोत मानती है लेकिन बलबीर राणा को वो अपना गुरु भी मानती है।




उस्ताद  बिस्मिल्लाह खान युवा पुरुस्कार 2017 से हुई  सम्मानित – संगीत नाटक अकादमी भारत सरकार व मेघालय सरकार की ओर से शिलोंग में उत्तराखण्ड की मशहूर लोकगायिका आशा नेगी को उनके लोकसंगीतो में विशेष योगदान हेतु उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरुस्कार 2017 से सम्मानित किया गया। सबसे खाश बात तो ये है की यह पुरुष्कार किसी भी उत्तराखण्डी लोकगायक / लोकगायिका को पहली बार मिला है।




हालांकि इससे पहले भारत रत्न,पद्म विभूषण,पद्मश्री जैसे श्रेष्ठ नागरिक सम्मान भी विभिन्न विधाओं में हमारे उत्तराखण्ड के कलाकारों को मिल चुके है लेकिन संगीत नाटक अकादमी की ओर से यह प्रथम सम्मान है। संगीत नाटक अकादमी की ओर से यह  प्रतिवर्ष संगीत, नृत्य तथा नाटक के क्षेत्र में विशिष्ट कलाकारों को दिया जाने वाला सम्मान है। यह पुरे उत्तराखण्ड के लिए बहुत सम्मान की बात है की देवभूमी की किसी बेटी को यह नागरिक सम्मान मिला है।




उनके निवास फरीदाबाद में अभिनन्दन समारोह किया गया – कल शाम को 6 बजे उत्तराखण्ड की लोकप्रिय लोकगायिका आशा नेगी को ” उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरुष्कार 2017″ से सम्मानित होने के उपरांत उनके घर फरीदाबाद (धीरज नगर ) आगमन पर श्री सुन्दरकाण्ड सेवा समिति दुर्गा एन्क्लेव सेहतपुर द्वारा भब्य अभिनंदन समारोह किया गया। जिसमे समस्त बदरपुर जैतपुर क्षेत्रीय प्रवासी उत्तराखण्डी भाई बंधू , संस्कृति प्रेमी , क्षेत्रवाशी , मात्र शक्ति , बड़े बुजुर्ग और उनके परिवार के सभी लोग ने मिलकर उन्हें शुभकामनाएँ दी।



यह भी पढ़े – संगीता ढौंडियाल जो उत्तराखण्ड़ के लोकगीतों और संस्कृति को राष्र्टीय स्तर पर ले आई

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