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उत्तराखण्ड हल्द्वानी

प्रोपर्टी डीलर हत्याकांड मामले में लोगों ने शव के साथ दिया धरना तो कोतवाल को किया निलंबित

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गौरतलब है कि बीते रविवार को हल्द्वानी में एक दिल-दहलाने वाले हत्याकांड को अंजाम दिया गया जिसमें एक प्रोपर्टी डीलर को 6 राउंड तक गोलियों से दिनदहाड़े बीच चौराहे पर भून दिया गया। हत्याकांड के बाद से ही जहां कल पूरे शहरवासी हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी को लेकर आक्रोशित थे वहीं आज भी पूरे शहर में उबाल था। इतना ही नहीं आज सोमवार को तो मृतक भुप्पी के परिजनों सहित आक्रोशित लोगों ने भुप्पी के शव को कोतवाली में रखकर जमकर हंगामा काटा। उनका आरोप था कि पुलिस की लापरवाही से भुप्पी की हत्या हुई। इसलिए उक्त हत्याकांड में पुलिस भी कहीं न कहीं दोषी है। लोगों के हंगामे को देखते हुए नैनीताल एस‌एसपी ने हल्द्वानी कोतवाल विक्रम राठौर को हटाने का ऐलान किया तब जाकर कहीं परिजनों का आक्रोश समाप्त हुआ। बताया गया है कि कोतवाल को लाइन हाजिर कर दिया गया है। बशर्ते अभी भी शहर में इस बात कि चर्चा है कि 7-8 मुकदमे दर्ज होने के बाद भी आरोपी गुप्ता बंधुओं से लाइसेंसी रिवाल्वर क्यों वापस नहीं ली गई?




भुप्‍पी का शव कोतवाली में रखकर लोगों ने कहा, एसपी चूड़ी पहनकर बाहर आओ:- शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहे पर दिनदहाड़े हुए हत्याकांड के बाद से पूरे शहर में दहशत का माहौल है। मृतक भुप्पी के परिजनों सहित आक्रोशित लोगों ने आज सुबह भूपेंद्र उर्फ भुप्पी पांडे का शव कोतवाली में रखकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पूरी कोतवाली हल्द्वानी पुलिस मुर्दाबाद, पुलिस तेरी गुंडागर्दी नहीं चलेगी, पुलिस कप्तान चूड़ी पहन कर बाहर आओ, भुप्पी के हत्यारों को गोली मारो, गोली मारो, पुलिस तेरी हिटलर साही, नहीं चलेगी नहीं चलेगी… जैसे नारों से गूंज उठी। हंगामा बढ़ता देख एसएसपी सुनील मीणा ने कई बार परिजनों को रूम में बुलाकर वार्ता करने की कोशिश की, लेकिन परिजन नहीं माने। अंततः हारकर एसएसपी मीणा ने घोषणा करते हुए कहा कि कोतवाल विक्रम राठौर को लाइन हाजिर करने के साथ निलंबित की संस्‍तुति डीआइजी को भेजी हे। तब जाकर आक्रोशित लोग कही शांत हुए। जिसके बाद मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि मृतक भुप्पी ने दोनों भाइयों से खुद को जान का खतरा बताते हुए कोतवाली में गुप्ता बंधुओं के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। परंतु उस पर पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया।




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