उत्तराखण्ड देहरादून
पुलिस द्वारा केदारनाथ में यात्रियों पर मारपीट और अभद्रता के आरोप पर मुख्यमंत्री का बड़ा बयान…
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देवभूमि उत्तराखंड जहाँ विश्व भर में अपने चारों धामों के लिए प्रसिद्ध है, वहीं कल शाम से वायरल हो रही एक विडियो ने उत्तराखंड के मस्तक पर कलंक लगाने का काम किया है। कलंक लगे भी क्यों ना जो देवभूमि कभी अतिथि देवो भव के सिद्धांतो पर चलती थी, जिसके वाशिंदों के लिए अतिथि भगवान का रूप होते थे, वहां इस प्रकार की घटनाएं होना शर्मनाक तो है ही साथ ही जिस उत्तराखंड पुलिस को राज्य में मित्र पुलिस के नाम से जाना जाता है उसके सिपाहियों द्वारा बाबा केदारनाथ के भक्तों के साथ इस प्रकार का दुर्व्यवहार कर उनको उनको अपमानित करना समूचे प्रदेश को शर्मशार करता है। वायरल विडियो पर दर्शनार्थी केदारनाथ धाम में तैनात पुलिस कर्मियों पर अभद्रता कर एक बच्ची और एक युवक को मंदिर के अंदर से घसीट कर बाहर निकालने का आरोप लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस के इस अभद्रतापूर्ण कृत्य से बच्ची के पैरों में चोट भी आई है। युवक ने पुलिस जवानों पर असभ्य भाषा का प्रयोग कर धमकी देने का आरोप भी लगाया है।
पुलिस का कहना आरोप बेबुनियाद तो सीएम ने दिए जांच के आदेश-
वायरल विडियो के अनुसार युवक का कहना है कि वह मंदिर में दर्शन करते हुए जल चढ़ा रहे थे, तभी पुलिस कर्मी ने बच्ची का सिर पकड़कर उसे बाहर की तरफ धकेला और एक युवक को भी घसीटकर बाहर लाया गया साथ ही एक अन्य युवती और उसकी मां व मौसी के साथ भी पुलिस ने अभद्र व्यवहार किया और विरोध करने पर उसे अपशब्दों से भरी हुई धमकी दी। वहीं दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने इस तरह की किसी भी घटना से इनकार किया है उनका कहना है कि पुलिस कर्मियों पर लगाएं गए आरोप पुरी तरह बेबुनियाद है। पुलिस अधीक्षक ने तो यहां तक कहा है कि कुछ यात्री मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग पर काफी देर से जल चढ़ा रहे थे और मंदिर की शांति व्यवस्था में तैनात पुलिस जवानों ने उनसे जल्दी पूजा कर बाहर आने का निवेदन किया था, लेकिन वह नहीं माने, और उनमें से एक यात्री ने पुलिस जवान का कॉलर पकड़ दिया। और अब पुलिस पर गलत आरोप लगा रहे हैं। बहरहाल सच क्या है ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा जिसके आदेश राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दे दिए हैं। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि किसी भी श्रृद्धालु के साथ किसी भी तरह का अभद्र बर्ताव हमारी संस्कृति के खिलाफ हैं।
केदारनाथ में कथित रूप से एक परिवार के साथ पुलिस द्वारा अभद्रता के मामले की जांच के आदेश दिए हैं। चारधाम यात्रा में उत्तराखंड पुलिस द्वारा बेहतर इंतजाम किए गए हैं, फिर भी किसी श्रद्धालु के साथ किसी तरह का अभद्र बर्ताव हमारी संस्कृति के खिलाफ है।
— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) June 7, 2019
