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alt=" bageshwar district martyr"

उत्तराखण्ड

बागेश्वर

असम राइफल्स में तैनात था उत्तराखण्ड का लाल… अचानक मौत से पहाड़ में दौड़ी शोक की लहर

alt=" bageshwar district martyr"भारतीय सेना की असम राइफल्स में सूबेदार के पद पर तैनात राज्य के बागेश्वर जिले के रहने वाले वीर जवान की मौत की दुखद खबर आ रही है। जवान की मौत का कारण हृदय गति का रूकना बताया गया है। जवान की मौत की खबर से परिजनो में कोहराम मचा हुआ है। कल जैसे ही सेना के वाहन से जवान का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा तो परिजनों का दर्द आंसूओं के रूप में उमड़ पड़ा। रह-रह कर परिजनों की आंखों से गिरते हुए आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। आस-पास के ग्रामीणों ने इस दुःख की घडी में जवान के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। तब कहीं जवान के अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू की गई। दोपहर बाद सरयू नदी के तट पर जवान का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया और वहां मौजूद सैकड़ों लोगों ने मृतक को नम आंखों से भावभीनी विदाई दी। इस दौरान उनके दोनों बेटों ने अपने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। जवान की अचानक मौत की खबर से पूरे क्षेत्र में ‌शोक व्याप्त है। बताया गया है कि मृतक सूबेदार अभी एक महीने पहले ही छुट्टी बिताकर अपनी ड्यूटी को रवाना हुए थे।




प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के बागेश्वर जिले के काफलीगैर तहसील के सिमतोली गांव निवासी सूबेदार जगत सिंह पुत्र केशर सिंह असम राइफल्स में तैनात थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग नागालैंड के कोहिमा में थी। मंगलवार को जब वह ड्यूटी पर थे तो अचानक उनके सीने में दर्द होने लगा। जगत सिंह की तबीयत बिगड़ते देख उनके अन्य साथी उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। जिसकी सूचना सेना के अधिकारियों द्वारा जवान के घर वालों को दी ग‌ई। जिसको सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया। बुधवार को मृतक सूबेदार का पार्थिव शरीर दिल्ली लाया गया और फिर वहां से गुरुवार की सुबह सेना के वाहन में उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। जैसे ही परिजनों ने उनके पार्थिव शरीर को देखा तो उन्हें आंखों से आंसूओं की धारा रूकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। बदहवास हालत में पहुंचे परिजनों को किसी तरह अन्य ग्रामीणों उन्होंने सांत्वना देकर शांत कराया तब जाकर जवान की शवयात्रा निकाली गई। दोपहर बाद सरयू तट पर जवान का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया, जहाँ जवान की चिता को मुखाग्नि उनके दोनों बेटो सुभाष और सुनील ने दी।




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