उत्तराखण्ड पौड़ी गढ़वाल
उत्तराखण्ड :भाई के लिए गुलदार से जा भिड़ी बहन .. और मौत के मुंह से बचा लाई भाई को
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कहा जाता है कि रक्षा बंधन के अवसर पर एक भाई अपनी बहन को उसकी रक्षा का वचन देता है परन्तु देवभूमि उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले से सामने आ रही घटना में बहन ने अपने भाई को मौत के मुँह से बचाकर एक नयी बहादुरी की मिशाल पेश की है। जी हां.. कोटद्वार में हुई इस घटना में बहन के द्वारा दिखाई गई वीरता, साहस एवं बहादुरी की चर्चा आज पूरे राज्य में हो रही है। सोशल मीडिया में तो राज्य की इस बहादुर बेटी को वीरता पुरस्कार से नवाजे जाने की मांग भी की गई है। बता दें कि कोटद्वार में बीरोंखाल ब्लाक की इस 11 वर्षीय राखी ने गुलदार से अपने मासूम भाई को बचाने की खातिर अपनी जान की भी परवाह नहीं की। गुलदार के हमला करते ही राखी अपने भाई से लिपट गई और गुलदार के लगातार वार करने पर भी उसने अपने भाई को नहीं छोड़ा। इस प्रकार यह कहना बिल्कुल भी अतिशयोक्ति नहीं होगी कि राखी अपने भाई को मौत के मुंह से खींचकर ले आई।
राखी के साहस से बची भाई की जान, भाई घर में तो खुद गम्भीर हालत में है दिल्ली के अस्पताल में भर्ती-:
प्राप्त जानकारी के अनुसार राखी और उसका भाई राघव शुक्रवार दोपहर को अपनी मां के साथ खेत में गए थे। शाम को खेत से घर को वापस आते समय राखी अपने भाई राघव को कंधे पर बैठाकर मां से आगे-आगे चल रही थी कि तभी अचानक रास्ते में पहले से घात लगाकर छुपे हुए गुलदार ने राघव पर झपट्टा मार दिया। इन कठिन परिस्थितियों में भी राखी ने साहस नहीं खोया और बिना देरी किए अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए राखी ने तुरंत भाई को गुलदार के पंजों से बचाकर अपने सीने से चिपका लिया। गुलदार राखी पर पंजे और दांत से वार करता रहा, लेकिन लहूलुहान होने के बाद भी उसने अपने भाई को गुलदार की चपेट में नहीं आने दिया। इस तरह राखी के ढाल बनने से उसके भाई की जान बच गई, उसे प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई, लेकिन राखी गंभीर रूप से घायल हो गई। फिलहाल दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत अभी भी नाजुक बताई गई है। बताया गया है कि गुलदार के हमले से राखी के सिर की हड्डी फैक्चर हो गई है और उसके शरीर पर कई जख्म हो गए हैं।
