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उत्तराखंड: पहाड़ में जेल की दीवार फांदकर विचाराधीन कैदी फरार, पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज है मुकदमा

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"alt= prisoner runaway from jail"

राज्य के पिथौरागढ़ जिले से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लाजमी है। बताया गया है कि सोमवार को पिथौरागढ़ नगर के मध्य में स्थित जेल से एक विचाराधीन कैदी दीवार फांदकर फरार हो गया। उक्त कैदी क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने के आरोप में पिछले ढाई महीनो से बंदीगृह में बंद था। कैदी के फरार होने की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस विभाग द्वारा तुरंत एक्शन लेते हुए कैदी की धरपकड़ के क‌ई टीमों का गठन किया गया है तथा जिले की सभी पुलिस चौकियों को अलर्ट करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही फोटो सहित कैदी का विवरण जिले की सीमा से लगे चारों जनपदों के पुलिस थानों में भी भेज दिया गया है। समाचार लिखे जाने तक फरार कैदी का कोई पता नहीं लग सका है। बता दें इससे पूर्व भी दो बार कैदियों के जेल से फरार होने के मामले सामने आ चुके हैं परन्तु बाद में फरार कैदियों को दबोच लिया गया था।




पिथौरागढ़ पुलिस के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदीप कुमार मौर्य पुत्र मुन्नालाल, निवासी ग्राम हुरहुरी थाना मीरगंज जिला बरेली हाल निवासी लिंक रोड पिथौरागढ़ के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत है। प्रदीप चार माह पूर्व जिले के गुरना क्षेत्र की एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोपी हैं। प्रदीप को पुलिस ने किशोरी के साथ बरेली से ही गिरफ्तार किया था तथा किशोरी के द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर उसे ढाई महीने से पॉस्को एक्ट की धारा 363,366 और 376 के तहत जेल में रखा गया था। बताया गया है कि कैदी अभी न्यायिक हिरासत में था जिसका मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। ड्यूटी पर तैनात जवानों ने बताया कि कल दोपहर बाद कैदी जेल के बाहर लगे पीपल के पेड़ की शाखाओं के जरिए दीवार फांदकर लॉकअप से फरार हो गया और पुलिस कर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब इस मामले का पता चला तो पुलिस प्रशासन की नींद ही उड़ गई और तत्काल कैदी की धरपकड़ के लिए टीमों का गठन किया गया। बता दें कि किशोरी को भगाकर ले जाने से पूर्व कैदी ऑलवेदर रोड निर्माण में जेसीबी चालक का कार्य करता था।




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