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दिल्ली में फंसे उत्तराखंडियों की रहने-खाने की व्यवस्था कर घर पहुंचाएगी सरकार, 50 लाख जारी

Uttarakhand: रास्तों में फंसे प्रवासी उत्तराखण्डियों की घर वापसी के लिए हेल्पलाइन घोषित करने के बाद लिया दूसरा बड़ा निर्णय..

देश की राजधानी दिल्ली समेत दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी उत्तराखण्डियों को इस मुश्किल की घड़ी में अब बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार उनकी घर वापसी के लिए हर संभव प्रयास कर रही है जहां कल मुख्यमंत्री ने खुद ऐसे सभी प्रवासी उत्तराखण्डियों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया जो रास्ते में फंसे हैं वहीं आज सरकार ने इन सभी लोगों के भोजन एवं उन्हें उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 50 लाख जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने उन सभी लोगों से धैर्य बनाए रखने की भी अपील की है। उन्होंने कहा है कि हो सकता है आपको घर पहुंचने में थोड़ा समय लगेगा और आपको थोड़ी कठिनाईयों का सामना भी करना पड़े लेकिन सरकार आपको सुरक्षित आपके घर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।



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सरकार की पहली प्राथमिकता है राज्य के प्रत्येक नागरिक के रहने खाने की व्यवस्था करना:- बता दें कि अपने एक संदेश में मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि राज्य के प्रत्येक व्यक्ति के रहने-खाने की व्यवस्था करना एवं उनको सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है। गौरतलब है कि राज्य के कई लोगों दिल्ली समेत कई राज्यों में फंसे हुए हैं। उनके पास न तो रहने और खाने की व्यवस्था है और ना ही उत्तराखण्ड तक पहुंचने के लिए गाड़ी की व्यवस्था है। इन लोगों द्वारा लगातार सोशल मीडिया पर अपने जन प्रतिनिधियों सहित राज्य सरकार से गुहार लगाई जा रही है। जिस पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने त्वरित फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से 50 लाख रुपए जारी कर दिए हैं। इस धनराशि का प्रयोग ऐसे सभी लोगों के रहने-खाने एवं घर वापसी के लिए किया जो रास्ते में फंसे हुए हैं।



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