Connect with us
Uttarakhand Government Happy Independence Day
alt="uttarakhand soldier died"

उत्तराखण्ड

ऊधमसिंह नगर

उत्तराखंड: सड़क हादसे में पहाड़ के जवान की मौत, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अन्तिम संस्कार

alt="uttarakhand soldier died"

राज्य में सड़क दुर्घटनाओं ने इतना विकराल रूप धारण कर रखा है कि लगभग रोज ही किसी ना किसी व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में मौत होने ‌या घायल होने की खबर सुनने को मिल रही हैं। आज फिर ऐसी ही खबर राज्य के देहरादून जिले से आ रही है जहां सड़क हादसे में गम्भीर रूप से घायल भारतीय सेना के एक वीर जवान ने अस्पताल में अपना दम तोड दिया। बताया गया है कि मृतक जवान भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल्स  में बतौर हवलदार की पोस्ट पर तैनात था। जवान की मृत्यु के बाद उसके पार्थिव शरीर को काशीपुर लाया गया जहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया। जवान की मौत की खबर से परिजन सदमे में हैं। जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो शव देखकर मृतक की पत्नी तो बेहोश ही हो गईं वहीं उसके तीनों बच्चों का‌ भी रो रोकर बुरा हाल है। जिस किसी ने भी यह दुखद मंजर देखा उसकी आंखों से आंसू स्वत: टपकने लगें। बताया गया है हादसे के वक्त जवान अपनी ड्यूटी में था। वे दस दिन पहले ही अपनी एक महीने की छुट्टी खत्म कर ड्यूटी पर गए थे।




प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले के डांडा तोल्यू, धूमाकोट के रहने वाले भूपेंद्र सिंह रावत पुत्र स्व. बलबंत सिंह भारतीय सेना की गढ़वाल राइफल्स में थे। बताया गया है कि वर्तमान में उनका परिवार काशीपुर की शांतिनगर कालोनी में रहता है। वह भारतीय सेना की 12 गढ़वाल रेजीमेंट का हिस्सा थे और वर्तमान में उनकी पोस्टिंग राज्य के देहरादून में ही थी। सोमवार की शाम करीब चार बजे जब वह ड्यूटी पर जा रहे थे तो तभी गढ़ी कैंट एरिया में एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना पर दुर्घटनास्थल पर पहुंचे भूपेंद्र के साथियों एवं सेना के अधिकारियों ने उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां उनकी हालत नाज़ुक बनी हुई थी और वे जिन्दगी और मौत की बीच जंग लड़ रहे थे। अचानक उनकी हालत ज्यादा बिगड़ने लगी और उन्होंने मंगलवार रात को उन्होंने दम तोड दिया। बुधवार को उनका पार्थिव शरीर काशीपुर लाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। उनके चिता को मुखाग्नि उनके भतीजे दिलबर रावत ने दी।




लेख शेयर करे

More in उत्तराखण्ड

Trending

Advertisement

UTTARAKHAND CINEMA

Advertisement

CORONA VIRUS IN UTTARAKHAND

Advertisement
To Top