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शहीद सूरज सिंह के पिता बोले ‘मौत तो एक दिन सबको आनी है, लेकिन मुझे गर्व है कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हुआ”

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जम्मू कश्मीर के अखनूर तहसील के पलांवाला सेक्टर में अभ्यास सत्र के दौरान हुए धमाके में  अल्मोड़ा जिले के भनोली तहसील निवासी सूरज सिंह भाकुनी पुत्र नारायण सिंह भाकुनी शहीद हो गए। जो की आठवीं कुमाऊं में थे, वही चमोली के सुरजीत सिंह माइन ब्लास्ट की चपेट में आने से शहीद हो गए जो की दसवीं वी गढ़वाल में थे। दोनों शहीदों के शहादत की खबर आते ही पूरा परिवार सदमे में है। जहाँ घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।वही रिश्तेदार और पडोसी परिजनों को सांत्वना दे रहे है। भनोली तहसील के पालड़ी गांव निवासी सूरज सिंह फरवरी 2014 में आर्मी में भर्ती हुए थे। सैनिक परिवार से होने के नाते उनके अंदर बचपन से ही देश सेवा का जज्बा था।




यह भी पढ़ेपहाड़ में बना रहे थे नया घर और माँ से किया था दिवाली पर घर आने का वादा, लेकिन अब बेटा तिरंगे में लपेटकर आएगा घर
शहीद के पिता को है अपने लाल पर गर्व : सात दिन पहले डयूटी में जाने से पहले सूरज ने विदा लेते समय दादी, पिता और मां सीता देवी के चरण छूकर जल्द घर आने की बात कही थी और बहन की शादी धूमधाम से कराने का वादा किया था। जहाँ पुरे प्रदेश को शहीद की शहादत पर गर्व है , वही शहीद सूरज सिंह के पिता नारायण सिंह भाकुनी भी कहते हैं कि ‘मौत तो एक दिन सबको आनी ही है, लेकिन मुझे गर्व है कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हुआ।’ सूरज के पिता की यहां भनोली में दर्जी की दुकान है। सूरज के अलावा उनकी तीन बहनें जिनमें दो की शादी हो गई और एक छोटा भाई है। जो मुंबई में अपनी बड़ी बहन के साथ रहता है। खबर है की शनिवार को जम्मू कश्मीर के अखनूर तहसील के पलांवाला सेक्टर के एक फायरिंग रेंज में सेना का एक दल युद्धाभ्यास के लिए निकला था। इस दौरान सैन्यकर्मियों की ओर से एक गोला दागा गया लेकिन वह काफी देर तक नहीं फटा। बाद में उसे फ्यूज करने के दौरान वह अचानक फट गया। इसमें सूरज समेत दो सैनिक शहीद हो गए। जबकि एक सैनिक बुरी तरह घायल हो गया।




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