Connect with us
Chardham Yatra mobile reel ban

Home / उत्तराखण्ड / चारधाम यात्रा: मंदिर परिसर में विडियो रील बनाना पड़ेगा महंगा, जाना पड़ सकता है जेल

उत्तराखण्ड देहरादून

चारधाम यात्रा: मंदिर परिसर में विडियो रील बनाना पड़ेगा महंगा, जाना पड़ सकता है जेल

1 min read

Chardham Yatra mobile reel ban: मन्दिर परिसर मे 50 मीटर के दायरे मे विडियो रील बनाने वालों पर होगी सख्त करवाई, उचित धाराओं मे होगा मुकदमा दर्ज……….

Chardham Yatra mobile reel ban: गौरतलब है कि मन्दिर परिसर से 50 मीटर के दायरे मे रील वीडियो बनाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। फिर भी यदि कोई अगर नियमों का उल्लंघन करके रील वीडियो बनाता हुआ नजर आता है तो उस पर पुलिस द्वारा उचित धाराओं मे मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दें इन दिनों चारधाम यात्रा चरम पर है जिसके चलते यहां पर लाखों की संख्या में तीर्थ यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कुछ लोग मन्दिर मे भगवान के दर्शन कर रहे है तो कुछ लोग सिर्फ रील वीडियो बनाने मे और लोगों की धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। जिसके चलते राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों ने कमर कस ली है। मन्दिर परिसर से 50 मीटर के दायरे तक रील वीडियोग्राफी करने पर पूर्ण तरह से प्रतिबंध लगाया गया है और यदि कोई इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे पर कानूनी कार्रवाई कर उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

यह भी पढ़िए:केदारनाथ धाम यात्रा शुरू होते ही ब्लॉगर और रील बनाने वालों की आ चुकी बाढ़

रील वीडियो बनाने वाले सावधान इन धाराओं मे हो सकता है मुकदमा दर्ज:

प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार द्वारा बताया गया है कि यदि कोई मंदिर परिसर में वीडियो ग्राफी करता हुआ पाया जाता है तो उस पर उत्तराखंड पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 21 के तहत सख्त कार्रवाई की जाए साथ ही उत्तराखंड पुलिस अधिनियम की धारा 81 के तहत उन्हें उपद्रव करने वाला माना जाएगा और इस धारा में की जाने वाली कार्यवाही धारा 296 भारतीय दंड विधान के तहत की जा सकती है। इसके अलावा यदि कोई इस मामले में जानबूझकर दुर्भावना पूर्ण तरीके से लोगों की धार्मिक मान्यताओं को अपमान कर ठेस पहुँचाता है तो उसके खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 295 के तहत अपराध पंजीकृत हो सकता है। इतना ही नहीं इसके अलावा धर्म जाति या स्थान के साथ ही भाषा और समुदाय के आधार पर वीडियो बनाने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 के अंतर्गत अपराध पंजीकृत किया जा सकता है।

खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP GROUP से जुडिए।

👉👉TWITTER पर जुडिए।

Continue Reading

More in उत्तराखण्ड

To Top