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उत्तराखण्ड

टिहरी गढ़वाल

उत्तराखण्ड के कमलेश भट्ट का दिल्ली से वापस लौटाया गया शव, बीते दिनों दुबई में हुई थी मौत

uttarakhand: देश की धरती पर आने के बावजूद वापस भेजा गया मृतक का शव, परिजन नहीं कर पाए अपने लाल के अंतिम दर्शन..

देश की राजधानी दिल्ली से एक बहुत ही हृदयविदारक खबर आ रही है। खबर है कि राज्य के एक मृतक युवक का शव दुबई से किसी तरह भारत की धरती पर पहुंचा परन्तु एयरपोर्ट पर मौजूद अधिकारियों ने उसे वापस लौटा दिया। शव वापस लौटाए जाने से मृतक के परिजनों को मायूस होकर घर वापस लौटना पड़ा। मामला राज्य के टिहरी गढ़वाल जिले के एक युवक कमलेश की मौत का है। बताया गया है कि कमलेश की बीते दिनों दुबई में संदिग्धावस्था में मौत हो गई थी, परिजनों ने सरकार से मृतक के शव की वतन वापसी की गुहार लगाई थी, परन्तु सभी अंतराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक के चलते सरकार कुछ नहीं कर सकी, दुबई में रहने वाले उत्तराखण्ड के सामाजिक कार्यकर्ता रोशन रतूड़ी के अथक प्रयासों से कमलेश का शव बीती रात दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकारियों ने उस शव को यह कहकर वापस भेज दिया कि कोरोना वायरस के चलते सरकार ने विदेश से आने वाले किसी भी शव को स्वीकार ना करने के सख्त आदेश दिए हैं।


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16 अप्रैल को दुबई में हुई थी मौत, रोशन रतूड़ी की सूचना पर मृतक का शव लेने दिल्ली पहुंचे थे परिजन:-

प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के टिहरी गढ़वाल जिले के जौनपुर ब्लॉक के सेमवाल गांव निवासी कमलेश भट्ट की बीते 16 अप्रैल को दुबई में संदिग्धावस्था में मौत हो गई थी। बताया गया है कि मृतक कमलेश पिछले तीन सालों से दुबई के एक होटल में नौकरी करता था। बीते 16 अप्रैल को उसकी तबीयत खराब होने पर जब उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया तो उसने उपचार के दौरान दम तोड दिया। बता दें कि सामाजिक कार्यकर्ता रोशन रतूड़ी ने परिजनों को इस दुखद हादसे की सूचना दी। हादसे की सूचना से मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ था और कमलेश के पिता हरिप्रसाद भट्ट और मां की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। परिजनों ने सरकार से मृतक के शव को वापस लाने की मांग की थी। उन्होंने रोशन रतूड़ी से भी मदद की गुहार लगाते हुए इस बाबत बात की थी और उन्हीं के अथक प्रयासों से भारत में शव भेजा गया। जिसकी सूचना मिलने पर मृतक के परिजन पास बनाकर दिल्ली पहुंचे थे, परन्तु एयरपोर्ट पर मौजूद अधिकारियों द्वारा शव ना लेने से परिजनों को बेरंग वापस लौटना पड़ा।


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