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UTTARAKHAND news: the houses on which the red mark was put, now they have been told safe in joshimath sinking. Joshimath sinking news

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जोशीमठ: वाह री सरकार, जिन घरों पर लगाए लाल निशान, उन्हें ही अब बता दिया सुरक्षित

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Joshimath sinking news: हाल ही में मौका मुआयना करने के बाद प्रशासन ने कोठेला क्षेत्र के चार घरों में लगाए थे लाल निशान, अब इन्हें ही बता रहे सुरक्षित, इनमें से दो घरों का होना है ध्वस्तीकरण, लोग हुए परेशान…

अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रहे जोशीमठ और वहां के स्थानीय वाशिंदों के लिए शासन प्रशासन कितना गंभीर है इस बात का अंदाजा जोशीमठ से लगभग रोज ही सामने आ रही परेशान करने वाली खबरों से आसानी से लगाया जा सकता है। जहां एक ओर सरकार जोशीमठ बचाओं की आवाज बुलंद करने वाले अतुल सती जैसे लोगों पर रासुका लगाने की तैयारी कर रही है वहीं जोशीमठ के हालात अभी भी जस के तस बने हुए हैं। हालात ये हैं कि जिन घरों पर प्रशासन द्वारा लाल निशान लगाकर असुरक्षित बताया गया है उन्हीं घरों के वाशिंदे जब मुआवजा लेने सरकारी कार्यालयों में पहुंच रहे तो यहां उनके घरों को पूर्णतः सुरक्षित बताया जा रहा है। ताज़ा मामला रविग्राम वार्ड के कोठेला क्षेत्र का है, जहां बीते एक वर्ष से लोगों के मकानों में दरारें आ रही है। यहां तक कि प्रशासन द्वारा कुछ समय पूर्व चार घरों पर लाल निशान भी लगाए गए हैं, लेकिन अब प्रशासन की सूची में बताया गया है कि यहां कोई भी मकान असुरक्षित नहीं है।
(Joshimath sinking news)
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इस घटना से जहां लोगों में असमंजस की स्थिति है। इस संबंध में स्थानीय लोगों का कहना है कि रविग्राम वार्ड के कोठेला क्षेत्र में करीब 14 परिवार रहते हैं। यहां एक साल से भू-धंसाव होने पर घरों में दरार आनी शुरू हो गई थी। जिस पर प्रशासन द्वारा मुआयना करने के बाद इनमें चार घरों पर लाल निशान लगाए गए हैं, उसके बावजूद भी इन भवनों को प्रशासन की सूची में असुरक्षित नहीं बताया गया है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इन चार घरों में से दो घरों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया भी गतिमान है। ऐसे में यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है कि प्रशासन की सूची में इन घरों को असुरक्षित की श्रेणी में क्यों नहीं रखा गया है। यही बात स्थानीय लोगों को भी परेशान कर रही है। स्थानीय लोगों ने अब प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर सूची सुधारने की गुहार लगाई है।
(Joshimath sinking news)

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