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Dehradun Nanda ki chauki: देहरादून नंदा की चौकी का 16 करोड़ का नया पुल पहली ही बारिश में धंसा
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|Dehradun Nanda Ki Chauki/ Chowki Bridge Sinks After First Heavy Rain, ₹16 Crore Tauns River Bridge Raises Quality Concerns Uttarakhand|
नंदा की चौकी का 16 करोड़ का नया पुल पहली ही बारिश में धंसा, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
|Dehradun Nanda Ki Chauki Bridge Sinks After First Heavy Rain, ₹16 Crore Tauns River Bridge Raises Quality Concerns Uttarakhand| उत्तराखंड के देहरादून जिले में पुराने देहरादून-पांवटा साहिब राजमार्ग पर स्थित नंदा की चौकी का नव-निर्मित पुल पहली ही बड़ी बारिश की परीक्षा में खरा नहीं उतर पाया। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस पुल की एप्रोच रोड धंसने से स्थानीय लोगों और राहगीरों में चिंता बढ़ गई है। कुछ ही दिन पहले यातायात के लिए खोले गए इस पुल की स्थिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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नई बारिश में खुली बड़ी खामी (Nanda Ki Chauki Bridge Collapse)
जानकारी के अनुसार, टौंस नदी पर बने इस पुनर्निर्मित मुख्य पुल पर हाल ही में वाहनों की आवाजाही शुरू की गई थी। लेकिन पहली तेज बारिश के दौरान ही पुल के एक हिस्से में धंसाव हो गया। घटना के बाद पुल की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं और संबंधित विभागों ने मौके का निरीक्षण शुरू कर दिया है।
पहले भी टूट चुकी थी अस्थाई व्यवस्था (Dehradun Paonta Sahib Highway)
इस मार्ग पर समस्या नई नहीं है। 11 जुलाई की रात टौंस नदी में तेज बहाव आने के कारण ह्यूम पाइप डालकर बनाई गई अस्थाई पुलिया भी धंस गई थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने तेजी से शेष निर्माण कार्य पूरा करते हुए 12 जुलाई से नए मुख्य पुल पर यातायात शुरू कराया था। अब उसी पुल में धंसाव होने से लोगों की परेशानियां फिर बढ़ गई हैं।
10 महीने तक अस्थाई पुलिया से चलता रहा यातायात (Dehradun Nanda ki Chowki)
इससे पहले 15 सितंबर 2025 की मध्यरात्रि को नंदा की चौकी का पुराना मुख्य पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल की एबटमेंट वॉल और एक स्लैब टूटने के बाद पुराने राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया था। इसके समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग ने ह्यूम पाइप के माध्यम से अस्थाई पुलिया तैयार की थी, जिसने लगभग 10 महीने तक इस मार्ग पर वाहनों का भार संभाला।
मार्च 2026 में शुरू हुआ था पुनर्निर्माण (Tauns River Bridge)
पुराने पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद मार्च 2026 में लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से नए मुख्य पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया। निर्माण पूरा होने के बाद इसे यातायात के लिए खोल दिया गया था, लेकिन पहली ही बारिश में पुल के धंसने की घटना ने पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवालिया निशान लगा दिया है।
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जांच में सामने आएंगे धंसाव के कारण (Bridge Construction Quality)
पुल में धंसाव की सूचना मिलते ही प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि धंसाव के कारणों की विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
लोगों में बढ़ी चिंता, सुरक्षित आवागमन पर सवाल (Uttarakhand Bridge News)
लगातार दूसरी बार इस मार्ग पर पुल से जुड़ी समस्या सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों में चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि नया पुल पहली ही बारिश में प्रभावित हो जाता है, तो निर्माण की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
