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हिमाँचल हादसे में बड़ा खुलासा: इस वजह से गई 44 जिंदगियां, बस समां गयी थी 500 फीट गहरी खाई में

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alt="kullu bus accident"सड़क हादसों ने जहाँ पर्वतीय क्षेत्र उत्तराखण्ड को जकड़ कर रखा है वही प्रदेश के पड़ोसी पर्वतीय राज्य देवभूमि हिमाँचल के कुल्लू जिले में एक बड़ा सड़क हादसा गुरुवार को हुआ जिसमे अभी तक 44 जिंदगियां मौत के मुँह में समां चुकी है। बता दे की हिमाचल के जिला कुल्लू के बंजार में बयोठ मोड़ पर गुरुवार दोपहर बाद चार बजे एक ओवरलोड निजी बस 500 फीट गहरी खाई में लुढ़कते हुए खड्ड में जा गिरी। हादसे में 44 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 31 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 39 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। बस के खाई में गिरने से परखच्चे उड़ गए। बस की छत अलग होकर पहाड़ी पर ही फंस गई, जबकि निचला हिस्सा खड्ड में जा पहुंचा। टायर भी अलग हो गए थे। बताया जा रहा है की भियोठ मोड़ को हादसे के हिसाब से पहले से ही खतरनाक माना जाता है। मोड़ पर न तो क्रैश बैरियर लगे हैं और न ही पैरापिट बनाए गए हैं। ऐसे में बेकाबू होने पर वाहन सीधा मौत में मुंह में समा जाते हैं।




चालक का गुरुवार को पहला दिन था : बंजार में जिस बस के खाई में गिरने से दर्जनों घरों के चिराग बुझ गए, उस गाड़ी में चालक का गुरुवार को पहला दिन था। पहले ही दिन चालक की गलती ने एकसाथ कई मौतों से कोहराम मचा दिया। बताया जा रहा है कि चालक इस बस को पहली बार चला रहा था और वह हादसे के ऐन मौके पर कूद भी गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक यह बस आए दिन खराब होती रहती थी। जानकारी के अनुसार 42 सीटर बस में 75 से ज्यादा लोग सवार थे। छत पर भी सवारियां बैठा रखी थीं। माना जा रहा है कि दुर्घटनास्थल पर यदि क्रैश बैरियर होते तो कई जिंदगियां बच सकती थीं।  बंजार बस हादसे की भयावहता इतनी थी कि पहाड़ी की तेज ढलान पर शव जहां तहां झाड़ियों में फंसे हुए थे। ऐसे में रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे अमले और लोगों के लिए घायलों के साथ शवों को बाहर निकालने में भी चुनौती का सामना करना पड़ा।डीसी कुल्लू ऋचा वर्मा ने कहा कि हादसे में जिसकी भी लापरवाही होगी, उसे बख्शा नहीं जाएगा।




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