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Uttarakhand NH double tunnel project
सांकेतिक फोटो

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उत्तराखण्ड देहरादून

उत्तराखण्ड: अब पहाड़ों में बनेंगी डबल टनल, साकार होगी सतत विकास की परिकल्पना

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Uttarakhand ROAD tunnel project: अब एनएच पहाड़ में सिंगल नहीं बल्कि डबल टनल बनाने की योजना पर देगा जोर, पहाड़ों की संरचना देखते हुए सतत विकास की परिकल्पना साकार करने को किया गया बदलाव, …

Uttarakhand ROAD tunnel project : उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच द्वारा पहाड़ों में टनल निर्माण की योजना में बदलाव किया गया है। दरअसल पहले सिंगल टनल योजना पर कार्य किया जा रहा था लेकिन पहाड़ों की संरचना और भूगर्भीय स्थिति को देखते हुए अब सतत विकास के लिए डबल टनल योजना पर कार्य किए जाने की तैयारी की जा रही है। डबल टनल का निर्माण सुरक्षा और संरचनात्मक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पहाड़ों में होने वाले भूस्खलन और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव में मदद मिलेगी साथ ही इससे यातायात की गति भी बढ़ेगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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Uttarakhand NH double Tunnel project बता दें प्रदेश में यातायात को सुगम बनाने के लिए कई जगहों पर टनल बनाए गए हैं इसके अलावा कई सारे और जगहों पर टनल बनाने की तैयारी जोरों से चल रही है। लेकिन पहाड़ों की भौगोलिक संरचना भंगुर होने के साथ ही इंडियन रोड कांग्रेस के नियम आधार व सिलक्यारा टनल के सबक के बाद से परिस्थितियों को देखते हुए टनल बनाने की योजना में बदलाव करने की तैयारी की जा रही है। दरअसल अब डेढ किलोमीटर लंबी कोई भी टनल सिंगल ना बनाने की तैयारी की जा रही है । एनएच के अधिकारियों की मानें तो सिंगल की तुलना में डबल टनल बनाने की लागत में बहुत अंतर नहीं आता है। डबल टनल से एस्केप टनल का भी काम आसानी से हो जाएगा और दोनों टनल बीच में एक तरह से जुड़ी रहेंगी। इतना ही नहीं बल्कि यदि किसी एक टनल में कोई दिक्कत आती है तो दूसरी टनल से निकलने का विकल्प रहेगा। डबल टनल मौजदा पहाड़ों की भौगोलिक संरचना के हिसाब से ही बेहतर विकल्प मानी जा रही है। बताते चलें एनएच की यमुनोत्री मार्ग पर ओजरी के पास चार किमी लंबी टनल बनाने की योजना है। यह इलाका भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील है। इसके अलावा पौड़ी जिले में एक साढ़े चार किमी की टनल योजना प्रस्तावित है। इन जगहों से डबल टनल बनाने की योजना है।

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