Connect with us
alt="uttarakhand government ration scheme for lockdown"

Home / उत्तराखण्ड / उत्तराखंड में तीन महीने तक दोगुना मिलेगा सस्ते गल्ले की दुकानों से राशन, सरकार ने की घोषणा..

उत्तराखण्ड देहरादून

उत्तराखंड में तीन महीने तक दोगुना मिलेगा सस्ते गल्ले की दुकानों से राशन, सरकार ने की घोषणा..

1 min read

uttarakhand: उत्तराखण्ड सरकार का बड़ा ऐलान, एपीएल राशन कार्ड धारकों को मिलेगा दोगुना राशन…

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जहां दुनिया के अधिकांश देश इस वक्त पूरी तरह लाॅकडाउन है वहीं भारत में केन्द्र सरकार के साथ ही सभी राज्य सरकारें लाॅकडाउन के प्रभाव से जनता को बचाने की हर संभव कोशिश कर रही है। उत्तराखण्ड सरकार के द्वारा भी लाॅकडाउन में जनता को राहत पहुंचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। चाहे लाॅकडाउन के दौरान मिलने वाली छूट के समय की बात हो या फिर गरीब मजदूरों को राशन पहुंचाने के लिए जिलाधिकारियों को दिए गए आदेश इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत लाॅकडाउन के दौरान जनता को हो रही समस्याओं पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। इसी के तहत राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है , जिससे राज्य के करीब 11 लाख एपीएल परिवारों को राहत मिलेगी क्योंकि उन्हें आगामी तीन महीने तक दोगुना राशन दिया जाएगा। विदित हो कि केन्द्र सरकार पहले ही बीपीएल एवं अन्त्योदय कार्ड धारकों को ‌पांच किलो चावल निशुल्क देने का ऐलान कर चुकी हैं। हालांकि अभी तक यह निशुल्क राशन लोगों तक पहुंच नहीं पाया है परन्तु सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक यह राशन जल्द ही सस्ते गल्ले की दुकानों में पहुंचने वाला हैं।


यह भी पढ़ें- बड़ी खबर: ओडिशा बना देश का पहला राज्य जिसने बढ़ाया लॉकडाउन पीरियड…

प्रदेश के 11 लाख एपीएल परिवारों को आगामी तीन महीने तक मिलेगा दोगुना राशन:-

प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार ने राज्य खाद्य योजना के अंतर्गत आने वाले एपीएल परिवारों को प्रति माह मिलने वाला सस्ता राशन दोगुना कर दिया। सरकार ने यह फैसला बीते बुधवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया, जो आगामी तीन महीने तक वैध रहेगा। बता दें कि जहां अभी तक एपीएल राशन कार्ड धारकों को प्रति कार्ड साढ़े सात किलो राशन प्रति माह मिलता था, वहीं अब सरकार के इस फैसले के बाद इन्हें 15 किलो राशन प्रति राशन कार्ड के हिसाब से ‌आगामी तीन महीने तक दिया जाएगा। इसमें दस किलो गेहूं और पांच किलो चावल शामिल हैं। बताते चलें कि लाॅकडाउन ने हर किसी की आर्थिक स्थिति को डगमगा दिया है। आम हो या खास कोरोना वायरस की वजह से हर कोई अपने घरों में रहने को मजबूर हैं। यह सर्वविदित है कि लाॅकडाउन का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर ही पड़ा है।


यह भी पढ़ें- उत्तराखण्ड: लाॅकडाउन बढ़ाने की नहीं हुई कोई अधिकारिक पुष्टि, राज्य ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव

Continue Reading

More in उत्तराखण्ड

To Top