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Uttarakhand Panchayat election: उत्तराखंड पंचायत चुनाव संबंध में हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
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Uttarakhand panchayat election : उत्तराखंड में कब तक कराए जा सकते हैं पंचायत चुनाव, नैनीताल हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब, 20 मई तक कार्यक्रम करना होगा प्रस्तुत…
Uttarakhand panchayat election : उत्तराखंड में एक ओर लोग त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर आस लगाए बैठे हैं वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा इस पर अभी तक कोई महत्वपूर्ण फैसला नहीं लिया गया है जिसके चलते चुनाव को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। दरअसल हरिद्वार जिले को छोड़कर प्रदेश के अन्य 12 जिलों में पंचायत का कार्यकाल 28 नवंबर 30 नवंबर और 1 दिसंबर को खत्म हो गया था लेकिन चुनाव ना होने के कारण प्रशासकों को पंचायत का जिम्मा सौंपा गया था। जिसमें 6 महीने बाद यानी 27 मई को ग्राम पंचायत और 29 मई को क्षेत्र पंचायत तथा 1 जून को जिला पंचायत के प्रशासकों का कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है। इसी बीच आने वाले कुछ दिनों में आरक्षण अध्यादेश को राजभवन से मंजूरी मिल सकती है इसके बाद चुनाव की तिथि की घोषणा की जाएगी। जिससे यह उम्मीद लगाई जा रही है कि अब दोबारा से प्रशासकों का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाएगा। नैनीताल हाई कोर्ट ने चुनाव के संबंध में सरकार से जवाब मांगा है।
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बताते चलें बीते शुक्रवार को नैनीताल हाई कोर्ट ने सरकार से उत्तराखंड में पंचायत चुनाव कराए जाने के विषय में जानकारी लेते हुए कहा कि राज्य सरकार को 20 मई को इसका कार्यक्रम प्रस्तुत करना होगा। इतना ही नहीं बल्कि इसी दिन पंचायत चुनाव के मामले में अगली सुनवाई भी होगी। जानकारी के मुताबिक जिला पंचायत ने निवर्तमान अध्यक्षों को शासक नियुक्त करने के बाद ग्राम पंचायत मे भी निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने और चुनाव नहीं करने के खिलाफ विभिन्न याचिकाओ पर बीते शुक्रवार को सुनवाई की इस दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी नरेंद्र एवं न्यायाधीश न्याय मूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने कहा कि पंचायत का कार्यकाल पूरा होने पर प्रशासक नियुक्त करने का सवाल नहीं है हालांकि अन्य लोगों ने जनहित याचिका दायर कर कहा कि पहले सरकार ने जिला पंचायत में निवर्तमान अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त किया और अब सरकार ने ग्राम पंचायत का चुनाव कराने के बदले निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त कर उन्हें वित्तीय अधिकार दे दिए हैं। जबकि ग्राम पंचायत का कार्यकाल कब का खत्म हो चुका है लेकिन अभी तक चुनाव लटका हुआ है ।
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