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उत्तराखण्ड

देहरादून

उत्तराखण्ड: कॉन्स्टेबल नरेंद्र रावत पिता बनने पर भी नहीं गए घर, डटे रहे अपनी ड्यूटी पर

uttarakhand police: विपरीत परिस्थितियां भी डिगा न सकी नरेंद्र की कर्तव्यनिष्ठा, गर्भवती पत्नी के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद डटे रहे ड्यूटी पर..

वैसे तो लाॅकडाउन में उत्तराखण्ड पुलिस (uttarakhand police) के सभी जवान देवदूत बनकर जरूरतमंदों की सेवा कर रहे हैं परन्तु उत्तराखंड पुलिस में कुछ ऐसे भी जवान है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद भी देश के प्रति अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा है। ये जवान ऐसे समय में भी ड्यूटी कर रहे हैं जबकि परिवार को इनकी सबसे ज्यादा जरूरत है। आज हम आपको उत्तराखण्ड पुलिस(uttarakhand police) के एक ऐसे ही जवान के बारे में बता रहे हैं जो पत्नी के गर्भवती होने के बावजूद भी ड्यूटी के प्रति अपने कर्तव्य से विमुख नहीं हुआ और ड्यूटी के दौरान ही उसे पिता बनने की खुश खबरी भी मिली परन्तु वह अपनी ड्यूटी छोड़कर बच्चे को देखने अस्पताल भी नहीं ग‌ए। जी हां..हम बात कर रहे हैं राज्य के देहरादून जिले में तैनात उत्तराखण्ड पुलिस के कांस्टेबल नरेंद्र रावत की, जिनकी पत्नी ने एक सुंदर पुत्र को जन्म दिया है। परंतु यह सुनकर भी कांस्टेबल नरेंद्र रावत ना अपने बच्चे को देखने अस्पताल गए और ना ही पत्नी के गर्भवती होने के बावजूद लॉकडाउन के दौरान वे अपनी ड्यूटी से विचलित हुए थे बल्कि वो अभी भी पहले की तरह जरूरतमंदों को राशन पहुंचाने से लेकर कानून व्यवस्था बनाए रखने के अपने दायित्व को पहले की तरह निभा रहे हैं।


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फोन पर ही मिली पिता बनने की खुशखबरी और फोन से ही पूछ रहे पत्नी और बच्चे की कुशलता:-

प्राप्त जानकारी के अनुसार नरेंद्र रावत उत्तराखंड पुलिस (uttarakhand police) में कांस्टेबल के पद पर तैनात है। इन दिनों उनकी पोस्टिंग देहरादून जिले के पटेलनगर थाने में है। बताया गया है कि इन दिनों नरेंद्र की गर्भवती पत्नी वैशाली अस्पताल में भर्ती थी। अस्पताल में वैशाली की देखभाल करने के लिए केवल नरेंद्र की भाभी थी परंतु इतनी कठिन परिस्थितियां भी नरेंद्र को अपने कर्तव्य पथ से डिगा ना पाई और वह ड्यूटी पर डटे रहे। इतना ही नहीं बीते शुक्रवार को वैशाली ने एक पुत्र को जन्म दिया। नरेंद्र को फोन पर यह खुशखबरी मिली, वह काफी खुश थे परन्तु फिर भी वह अपनी ड्यूटी छोड़कर बच्चे को देखने अस्पताल तक नहीं ग‌ए। वह कहते हैं कि इस वक्त देश को मेरी ज्यादा जरूरत है, इसी कारण वह पिछले एक महीने से जारी लाॅकडाउन में लगातार ड्यूटी पर डटे हुए हैं। नरेंद्र अपनी पत्नी से फोन पर ही बात करते हैं और बच्चे के जन्म के बाद भी उन्होंने फोन कर पत्नी की कुशलता पूछी। नरेंद्र की इस कर्त्तव्यनिष्ठा को आज हर कोई सलाम कर रहा है।


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