Connect with us
Uttarakhand Government Happy Independence Day

देवभूमि दर्शन

हिमाँचल प्रदेश

पहाड़ी अदाकारा बांकी चंद्रा(रजनी) की सड़क हादसे में मौत, अपने इस गीत से हुई थी प्रसिद्ध

सड़क हादसों में आये दिन न जाने कितनो मासूम लोग अपनी जिंदगी गवां बैठते है, बीते वर्ष जून 2018 में जहाँ उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध लोकगायक स्व. पप्पू कार्की का सड़क हादसे में निधन हो गया था वही एक सुप्रसिद्ध पहाड़ी अदाकारा बांकी चंद्रा फेम रजनी की 24 अप्रैल की सायं को सड़क हादसे में मौत हो गयी। 20 वर्षीय रजनी कुछ ही समय में हिमाँचली सिनेमा जगत में अपनी अच्छी खासी पहचान बना चुकी थी। रजनी का जन्म हिमांचल के कुल्लू जिले के शांघड़ में हुआ था। बताते चले की रजनी गड़सा के एक निजी कॉलेज से लौटते वक्त हादसे का शिकार हुई थी। वह अपने सहयोगी के साथ बाइक पर आ रही थी तो गड़सा से थोड़ी दूरी पर बाइक बजरी पर स्लिप कर गयी। इसमें रजनी के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। उसे रात को ही कुल्लू अस्प्ताल से पीजीआइ रेफर कर दिया गया था, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।




“ओ बांकी चंद्रा याद रखी गल्लां मेरी ओ” गीत में नाटी किंग ठाकुर दास राठी के साथ बांकी चंद्रा का किरदार निभाने वाली शांघड़ की रजनी ने हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह दिया है। बीते सायं घायल रजनी को डॉक्टरों ने पीजीआई रेफर किया था, लेकिन पीजीआई ले जाते उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया। बांकी चंद्रा के नाम से जानी जाने वाली रजनी गड़सा में जेबीटी कर रही थीं। बताते चले की उन्होंने ठाकुर दास राठी के गीत “हवा लागी चंडीगढ़ा री” में बतौर को-आर्टिस्ट काम किया था। इसके बाद ओ बांकी चंद्रा गीत में ठाकुर दास राठी के साथ नायिका का रोल निभाया। इस गीत को यूट्यूब पर अब तक 33 लाख व्यूज मिल चुके हैं। इस गीत में रजनी के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा। गाने की लोकप्रियता के चलते अब रजनी को लोग बांकी चंद्रा के नाम से ही पुकारते थे।




लेख शेयर करे

More in देवभूमि दर्शन

Trending

Advertisement

UTTARAKHAND CINEMA

Advertisement

CORONA VIRUS IN UTTARAKHAND

Advertisement
To Top