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उत्तराखण्ड

पौड़ी गढ़वाल

उत्तराखंड: बेहद शर्मनाक, कोरोना संक्रमित महिला के शव से चेन व कुंडल मिले गायब

पहाड़ में फिर हुई मानवता को शर्मशार करने वाली संवेदनहीन घटना, बेस अस्पताल श्रीनगर (Base Hospital Srinagar) में भर्ती कोरोना संक्रमित महिला के शव से गायब किए कान के कुडल और गले की चैन..

वैश्विक महामारी कोरोना ने जहां रिश्तों नातों में दरार डालने का काम किया है वहीं मानवता और इंसानियत को भी लगभग पूरी तरह से कलंकित किया है। कभी अस्पतालों में चिकित्सकों द्वारा मरीजों को कोरोना पोजिटिव होने की आंशका से भर्ती नहीं किया जाता तो कभी कोरोना पोजिटिव मृतक व्यक्ति के परिजन उसका शव लेने से ही इंकार कर दे रहे हैं। मानवता को शर्मशार करने वाली ऐसी ही एक खबर आज राज्य के पौड़ी गढ़वाल जनपद से आ रही है जहाँ बेस अस्पताल श्रीकोट (Base Hospital Srinagar) में कोरोना संक्रमण से मृत महिला के शव से कुंडल व चेन गायब होने का मामला सामने आया है, इस संबंध में मृतका के पुत्र ने मामले की शिकायत डीएम से की है। उसका कहना है कि मां की मौत के 7 दिन बाद भी प्रशासन की ओर से माता की कुशलक्षेम पूछी जा रही हैं। जो यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन के बीच बिल्कुल भी आपसी सामंजस्य नहीं है। जिस पर डीएम पौड़ी धीरज सिंह गर्ब्याल ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। उधर इस मामले में बेस अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा केवी सिंह ने भी कहा है कि कोरोना संक्रमित महिला की पुत्र की सभी शिकायतों की गहनता से जांच की जाएगी, मामले के लिए दोषी अधिकारियों/ कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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मृतका का पुत्र है नगर पालिका का सभासद, मामले की जांच को लेकर लिखा जिलाधिकारी को पत्र:-

प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले के श्रीनगर निवासी विभोर बहुगुणा, नगर पालिका श्रीनगर से सभासद है। बताया गया है कि सभासद विभोर बहुगुणा की मां बीते 08 सितंबर को कोरोना संक्रमित पाई गई थीं, जिस पर विभोर ने उन्हें 09 सितंबर को बेस अस्पताल श्रीकोट में भर्ती कराया था। जहां बीते 21 सितम्बर को उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। मां के निधन की सूचना मिलने पर जब विजय उनके अंतिम संस्कार के लिए शमशान घाट पर पहुंचे तो उन्हें भारी अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी साफ-साफ झलक रही थी। विभोर बताते हैं कि कोरोना संक्रमित होने के बावजूद उनकी मृत मां के शरीर को अच्छे प्रकार से पैक नहीं किया गया था। जब उन्होंने मां के मृत शरीर को खोलकर देखा तो उसके शरीर से एक कान का कुंडल व चेन गायब मिली। यह देखकर विभोर के पैरों तले की जमीन खिसक गई। इस संवेदनशील दृश्य को देखने के बाद उन्होंने उस समय तो जैसे तैसे खुद पर काबू रखा परंतु अंतिम संस्कार के बाद जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया।

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