उत्तराखण्ड Coronavirus In Uttarakhand
उत्तराखण्ड : कोरोना से हुई मौत तो गांव वालों ने शव पहाड़ लाने से किया मना, परिजन नहीं कर सके दर्शन
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कोरोना के चलते पहाड़ नहीं पहुंच सका युवक (Corona positive) का शव, पुलिस टीम ने की अंत्येष्टि..
कोरोना वाइरस महामारी के चलते न जाने कितने ऐसे लोग है जो अपने ही परिवार के सदस्यों की अंत्येष्टि और अंतिम दर्शन भी नहीं कर सके। ऐसी ही एक खबर उत्तराखण्ड के चम्पावत जिले से है जहां एक 40 वर्षीय युवक की हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल में बीते 2 जून को उपचार के बाद मौत हो गयी थी। जैसे कि युवक कोरोना संक्रमित (Corona positive) मरीज था इसलिए संक्रमण के डर से मृतक के गांव वालों ने उसकी बॉडी घर लाने से मना किया था। जिसकी वजह से अंतिम समय में परिवार के लोग उसका चेहरा भी नहीं देख सके। मेडिकल चौकी इंचार्ज मनवर सिंह बिष्ट के अनुसार ग्राम प्रधान से भी फोन पर वार्ता की गई, जिससे पता चला कि ग्रामीण यही चाहते है कि उसका अंतिम संस्कार हल्द्वानी में हो। शव को पहाड़ में न लाया जाए। इसके चलते पुलिस व प्रशासन टीम को उसका अंतिम संस्कार नैनीताल जिले के राजपुरा श्मशान घाट में ही करना पड़ा।
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मुम्बई में वाहन चलाता था मृतक युवक, बीते 18 मई को पहुंचा था गांव:-
विदित हो की बीते 2 जून को उत्तराखण्ड के चम्पावत जिले के लोहाघाट ब्लाक के एक 40 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना संक्रमण के चलते हल्द्वानी में मौत हो गयी थी। बता दे की उक्त व्यक्ति मुम्बई में वाहन चालक था और लॉकडाउन में मिली छूट के बाद बीते 18 मई को गांव पहुंचा था। गांव पहुंचने के बाद उसे नजदीकी जूनियर हाईस्कूल में क्वारंटीन कर दिया गया था। बताते चले की उक्त व्यक्ति 24 मई को कोरोना संक्रमित (Corona positive) पाया गया था। रिपोर्ट पोजिटिव आने के बाद प्रशासन द्वारा उसे कोरोना के लिए आरक्षित सुशीला तिवारी अस्पताल में आइसोलेट किया गया जहां लगातार उपचार के बाद भी उसकी तबीयत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। इसी के चलते पिछले कुछ दिनों से उसे आईसीयू में रखा गया था। मंगलवार सुबह उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उसने दम तोड दिया।
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