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Uttarakhand Land Fraud case Five People Claim Ownership of the Same Property in Haldwani, Kashipur and Rudrapur

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Uttarakhand: हल्द्वानी, काशीपुर और रुद्रपुर में एक जमीन के पांच दावेदार जमीन फर्जीवाड़े का खुलासा

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Uttarakhand Land Fraud Case in Haldwani Rudrapur and Kashipur: उत्तराखंड में जमीन घोटालों पर बड़ा एक्शन, 30 मामलों में एफआईआर की संस्तुति

Uttarakhand Land Fraud Case in Haldwani Rudrapur and Kashipur: उत्तराखंड में जमीनों की खरीद-बिक्री का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही भूमि धोखाधड़ी के मामलों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। कुमाऊं मंडल के कई जिलों में एक ही जमीन की कई बार रजिस्ट्री कराने, अवैध प्लाटिंग करने और लोगों को झांसा देकर जमीन बेचने के मामलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।

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हल्द्वानी के कठघरिया क्षेत्र में जमीन फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां भूमाफियाओं ने एक ही प्लॉट की पांच अलग-अलग लोगों के नाम रजिस्ट्री करा दी, जिससे कई खरीदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस धोखाधड़ी का शिकार सेना से सेवानिवृत्त होकर लौटे एक पूर्व सैनिक भी बने हैं। इसी तरह ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में भी एक प्लॉट की चार बार रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस फर्जीवाड़े के जरिए आम लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाया गया।

रुद्रपुर में नजूल भूमि की अवैध प्लाटिंग का खुलासा (Illegal Plotting)

रुद्रपुर में भूमाफियाओं ने करीब तीन बीघा नजूल भूमि की अवैध प्लाटिंग कर उसे बेच दिया। जांच में सामने आया कि सरकारी भूमि को टुकड़ों में बांटकर लोगों को बेचा गया। प्रशासन का मानना है कि ऐसे कई और मामले सामने आ सकते हैं, जिनकी जांच जारी है।

77 मामलों की समीक्षा, 30 में मुकदमा दर्ज कराने की सिफारिश (Land Fraud Investigation)

सोमवार को हल्द्वानी स्थित सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री के सचिव एवं कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत की अध्यक्षता में लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में भूमि फर्जीवाड़े से जुड़े कुल 77 मामलों की समीक्षा की गई।जांच के बाद समिति ने अल्मोड़ा जिले के एक, ऊधम सिंह नगर के 12 और नैनीताल जिले के 17 मामलों में एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की है। कुल मिलाकर 30 मामलों में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

एक ही संपत्ति की बार-बार रजिस्ट्री पर होगी जवाबदेही तय (Property Registration Fraud)

बैठक के दौरान कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि धोखाधड़ी से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि एक ही संपत्ति की कई बार रजिस्ट्री होने के मामलों को रोकने के लिए रजिस्ट्रार, सब-रजिस्ट्रार और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। आयुक्त ने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

भौतिक सत्यापन नहीं करना गंभीर लापरवाही (Land Verification)

दीपक रावत ने कहा कि दाखिल-खारिज की प्रक्रिया से पहले लेखपाल और पटवारियों द्वारा जमीन का स्थलीय निरीक्षण नहीं किया जाना गंभीर लापरवाही है। बिना भौतिक सत्यापन के अभिलेखों में बदलाव किए जाने से गलत भूमि हस्तांतरण, सीमा विवाद और बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में सभी राजस्व अधिकारी मौके पर जाकर जमीन का सत्यापन सुनिश्चित करें।

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बैठक में अल्मोड़ा जिले के रानीखेत क्षेत्र का एक चर्चित मामला भी सामने आया। यहां दिल्ली के छह लोगों से जमीन दिलाने के नाम पर कथित रूप से धोखाधड़ी की गई। जानकारी के अनुसार एक प्रॉपर्टी डीलर ने संबंधित लोगों को एक जमीन दिखाकर उनसे पैसे ले लिए, लेकिन जब रजिस्ट्री कराने की बारी आई तो उन्हें जंगल के पास स्थित दूसरी भूमि देने की बात कही गई। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

फौजी के मकान पर 75 लाख का फर्जी लोन लेने का आरोप (Loan Fraud)

हल्द्वानी के कठघरिया क्षेत्र से एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि भूमाफियाओं और गाजियाबाद स्थित एक बैंक के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से एक पूर्व सैनिक के मकान पर 75 लाख रुपये का ऋण ले लिया गया। बताया गया कि पहले सैनिक की पत्नी को गुमराह कर मकान पर पहले से चल रहा 12 लाख रुपये का ऋण चुकाया गया। इसके बाद रुपये दोगुने करने का लालच देकर बैंक अधिकारियों और भूमाफियाओं ने मिलकर गाजियाबाद शाखा से 75 लाख रुपये का कर्ज स्वीकृत करा लिया।परिवार को इस पूरे मामले की जानकारी तब हुई जब उनके पास बैंक का लोन चुकाने का नोटिस पहुंचा। वर्तमान में संबंधित मकान नीलामी की कगार पर पहुंच चुका है।

बैठक में मौजूद रहे कई वरिष्ठ अधिकारी (Administrative Meeting)

इस महत्वपूर्ण बैठक में आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, नैनीताल के एसएसपी मंजुनाथ टीसी, ऊधम सिंह नगर के डीएम नितिन भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, एडीएम पंकज उपाध्याय तथा नगर आयुक्त हल्द्वानी परितोष वर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

जमीन खरीदने वालों के लिए बड़ा सबक (Real Estate Alert)

लगातार सामने आ रहे भूमि फर्जीवाड़े के मामलों ने यह साफ कर दिया है कि जमीन खरीदने से पहले दस्तावेजों, स्वामित्व रिकॉर्ड और राजस्व अभिलेखों की पूरी जांच करना बेहद जरूरी हो गया है। प्रशासन अब भूमाफियाओं और जमीन के नाम पर लोगों को ठगने वाले गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में है, जिससे आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

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