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उत्तराखण्ड SOLAR ECLIPSE 2020

उत्तराखण्ड के तीन जिलों में रिंग आफ फायर के रूप में दिखेगा सूर्यग्रहण, बरतिए विशेष सावधानी

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Solar eclipse 2020: 21 जून को दिखाई देगा साल का पहला सूर्यग्रहण, 10 बजकर 20 मिनट पर होगा शुरू..

आज 21 जून को सदी का पहला खंडग्रास सूर्यग्रहण (Solar eclipse 2020) लगने जा रहा है जिसका सूतक बीती रात 10 बजकर 20 मिनट पर शुरू हो चुका है। सूतक लग जाने के कारण अन्य देवस्थानों की तरह ही देवभूमि उत्तराखंड के चारों धामों के कपाट भी बीती रात दस बजे बंद कर दिए गए हैं। बता दें कि ग्रहण का समय सुबह 10 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर दोपहर एक बजकर 50 मिनट तक होगा। यह सूर्यग्रहण भारतवर्ष के साथ ही नेपाल, पाकिस्तान, यूएई, यूूूरोप, आस्ट्रेलिया आदि देशों में भी दिखाई देगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस ग्रहण के दौरान देवगुरु बृहस्पति के साथ ही शनि, मंगल, शुक्र, राहु एवं केतु ग्रह वर्की अवस्था में होंगे। जिस कारण आगामी एक-दो महीनों के अंदर इस ग्रहण का काफी विनाशकारी प्रभाव देखने को मिल सकता है। ग्रहों की इस स्थिति के कारण यह सूर्यग्रहण प्राकृतिक आपदाओं का कारक भी बनेगा। जिसका असर आने वाले दिनों में भूकंप, आंधी, तूफान, बाढ़, आदि रूपों में देखा जा सकता है।
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उत्तराखंड के तीन जिलों में भी “रिंग आफ फायर” के रूप में दिखाई देगा आज का सूर्यग्रहण:-

बता दें कि साल का पहला सूर्यग्रहण (Solar eclipse 2020) मृगशिरा व आर्द्रा नक्षत्र और मिथुन राशि में आज सुबह 10 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा। देश के विभिन्न हिस्सों में इसे अलग-अलग रूपों में देखा जा सकता है। जहां उत्तराखण्ड के देहरादून और टिहरी, चमोली जिलों में यह “रिंग आफ फायर” अर्थात एक वलय के रूप में दिखाई देगा वहीं देश के कई अन्य हिस्सों में इसे आंशिक या खंडग्रास के रूप में भी देखा जा सकता है। चमोली जिले के कालंका चोटी देश का वह अंतिम प्रमुख स्थल होगा, जहां वलयाकार सूर्यग्रहण दिखाई देगा, यहां 12 बजकर 10 मिनट पर सूर्यग्रहण रिंग आफ फायर के रूप में 28 सेकेंड के लिए दिखाई देगा। बताते चलें कि 21 जून को हर 19 साल बाद सूर्यग्रहण लगता है इससे पहले यह इसी दिन साल 2001 में दिखाई दिया था। ग्रहण के दौरान सूर्य को नंगी आंखों से देखने से बचना चाहिए। सरकार द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देशों में एक्सरे सीट, काले चश्मे, धूप के चश्मे द्वारा ग्रहण देखने के तरीकों को भी असुरक्षित बताया गया है, इसलिए ग्रहण को देखने के लिए इन तरीकों का इस्तेमाल भी ना करें। हालांकि ग्रहण को देखने के लिए वेल्डर ग्लास #13 या #14 का प्रयोग किया जा सकता है।

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