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Uttarakhand guldar leopard Attack in Pauri Garhwal

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उत्तराखंड: पहाड़ में गुलदार का आंतक, जंगल में गाय चराने गए बच्चे को बनाया अपना निवाला

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उत्तराखण्ड(Uttarakhand)- पहाड़ में थम नहीं रहा जंगली जानवरों का आतंक, अब पौड़ी गढ़वाल(Pauri Garhwal)में 15 वर्षीय मासूम बालक को गुलदार(Guldar) ने बनाया अपना निवाला, परिवार का इकलौता बेटा था मृतक..

उत्तराखण्ड(Uttarakhand) के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-वन्य जीव संघर्ष लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आज फिर राज्य के पौड़ी गढ़वाल(Pauri Garhwal) जिले से दुखद खबर आ रही है जहां एक आदमखोर गुलदार(Guldar) ने गाय चराने जंगल ग‌ए 15 वर्षीय मासूम बालक को अपना निवाला बना लिया। जिससे बालक की मौत हो गई। घटना से जहां बालक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है वहीं पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को आदमखोर घोषित कर मारने तथा उसे पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है। बताया गया है कि मृतक बालक परिवार का इकलौता बेटा था। उससे बड़ी दो बहनें हैं, इकलौते भाई की मौत की खबर से दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है। क्षेत्रवासियों ने घटना में मृत बालक की मौत का एक कारण गांव में सड़क का न होना भी बताया है। उनका कहना है कि बालक घटनास्थल पर घायल पड़ा था, सड़क ना होने से वे उसे डेढ़ किलोमीटर पैदल लेजाकर सड़क तक पहुंचे और फिर वहां से अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यदि गांव में सड़क होती तो वह समय पर अस्पताल पहुंच जाते और शायद बालक की जान बच जाती।
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घायलावस्था में पड़े बालक को डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल लेकर पहुंचे ग्रामीण, चिकित्सकों ने किया मृत घोषित:-

प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले के खिर्सू ब्लाक के ग्राम पचायत सिंगोरी के ओखल्यूं गांव निवासी जगमोहन सिंह का इकलौता पुत्र पंकज रावत रोज की तरह बृहस्पतिवार सुबह भी अपने तीन साथियों के साथ गाय चराने जंगल में गया था। तभी वहां पहले से घात लगाकर बैठे एक गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। बताया गया है कि पंकज के साथ गाय चराने गए अन्य तीनों बच्चे उससे भी छोटे थे। एकाएक गुलदार के हमले से सभी घबरा कर गांव की ओर भाग गए और ग्रामीणों को घटना की सूचना दी। बच्चों की सूचना पर जब ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे तो गुलदार पंकज को बुरी तरह घायल कर चुका था, ग्रामीणों के शोर-शराबे को सुनकर गुलदार जंगल की भाग गया। जिस पर ग्रामीणों ने घायलावस्था में जमीन पर पड़े पंकज को करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर सड़क तक पहुंचाया और उसे लेकर जिला चिकित्सालय पौड़ी पहुंचे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और चिकित्सकों ने पंकज को मृत घोषित कर दिया। दुखद घटना से जहां पंकज के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं वहीं पूरे क्षेत्र में पंकज की अकस्मात मौत की खबर से शोक की लहर है। मृतक पंकज विद्या मंदिर खिर्सू में कक्षा 9 का छात्र था।
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