अल्मोड़ा UTTARAKHAND GULDAR
उत्तराखण्ड: पहाड़ में गुलदार का आतंक, मासूम बच्ची को बनाया निवाला, जंगल मे मिला क्षत-विक्षत शव
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Guldar In Uttarakhand: सात वर्षीय मासूम बच्ची को घर के पास से उठा ले गया गुलदार, परिवार में कोहराम..
राज्य में जंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में तो जंगली जानवरों न सिर्फ ग्रामीणों की खेती-बाड़ी को नुकसान पहुंचा रहे हैं बल्कि अब तो ग्रामीणों और उनके परिजनों का जीवन पर भी संकट का कारण बन रहे हैं। आए दिन सुनाई देने वाली आदमखोर जंगली जानवरों द्वारा ग्रामीणों पर हमले की खबर आज राज्य के अल्मोड़ा जिले से आ रही है जहां एक आदमखोर गुलदार ने घर के पास ही खेल रही एक साथ वर्षीय मासूम बच्ची को अपना निवाला बना लिया। ग्रामीणों द्वारा काफी खोजबीन करने पर मासूम बच्ची का क्षत-विक्षत शव घटनास्थल से 100 मीटर दूर झाड़ी में बरामद हुआ। मासूम बच्ची के अकस्मात मौत की खबर से जहां बच्ची के परिवार में कोहराम मचा हुआ है वहीं पूरे क्षेत्र में दहशत के साथ ही शोक की लहर है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से आदमखोर गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरे लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले कई दिनों से गुलदार गांव में घूम रहा था, जिसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा वन विभाग के अधिकारियों को भी दी गई थी परंतु बावजूद इसके वन विभाग के अधिकारियों ने उनकी बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया जिसकी कीमत आज एक मासूम बच्ची को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
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घटना के वक्त मृतक बच्ची खेल रही थी अपने दोस्तों के साथ, दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं मासूम के पिता:-
प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से राज्य के अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण ब्लाक के बाड़ीकोट गांव निवासी गिरीश सिंह दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करते हैं। बताया गया है कि बीते शनिवार शाम को गिरीश सिंह की बात वर्षीय पुत्री दिव्या को एक आदमखोर गुलदार ने उस समय अपना निवाला बना लिया जब वह रोज की तरह अपने दोस्तों के साथ घर के पास ही खेल रही थी। पहले से घात लगाकर बैठे गुलदार द्वारा दिव्या पर हमला करने से घबराए अन्य बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने एकत्रित होकर दिव्या की खोजबीन शुरू की। बाड़ीकोट गधेरे, खेतों व रामगंगा नदी किनारे दिव्या की काफी खोजबीन करने पर दिव्या का क्षत-विक्षत शव घटनास्थल से 100 मीटर दूर बरामद हुआ। घटना के वक्त मृतक बच्ची की मां, आमा, बूबू शाम को खेत में काम करने गए हुए थे। घटना के बाद से जहां बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उनकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं वहीं घटना से दहशत में आए ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर वन विभाग से गुलदार को आदमखोर घोषित करने के साथ ही उसे पकड़ने के लिए गांव में पिंजरे लगानी की मांग की है।
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