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Uttarakhand house tax: even those living in villages will have to pay house tax and user charges
सांकेतिक फोटो Uttarakhand house tax

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UTTARAKHAND NEWS देहरादून

Uttarakhand house tax: उत्तराखण्ड गांव में रहने वालों को भी देना होगा भवन कर यूजर चार्ज

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Uttarakhand house tax: even those living in villages will have to pay house tax and user charges: अब पंचायतें भी बनेंगी आत्मनिर्भर: भवन कर और यूजर चार्ज लागू करने की तैयारी, नई नियमावली तैयार

Uttarakhand house tax: even those living in villages will have to pay house tax and user charges: उत्तराखंड में पंचायत व्यवस्था को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब नगर निकायों की तर्ज पर ग्राम पंचायतें भी अपने स्तर पर कर वसूली कर सकेंगी। इसके लिए पंचायती राज विभाग नई नियमावली लाने की तैयारी में है।

वित्तीय निर्भरता कम करने की कोशिश

अभी तक राज्य की अधिकांश पंचायतें केंद्र और राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली मदद पर निर्भर हैं। ऐसे में विकास कार्यों की गति अक्सर संसाधनों की कमी से प्रभावित होती है। सरकार का मानना है कि यदि पंचायतों को खुद के आय स्रोत दिए जाएं, तो वे स्थानीय स्तर पर बेहतर और तेज फैसले ले सकेंगी।

भवन कर और यूजर चार्ज का प्रस्ताव

नई नियमावली के तहत पंचायतें अपने क्षेत्र में व्यावसायिक भवनों, बड़े मकानों, होम स्टे और रिसॉर्ट्स पर भवन कर लगा सकेंगी। प्रस्तावित दरें 50 से 200 रुपये तक रखी जा सकती हैं, जो भवन के आकलन पर निर्भर होंगी। इसके साथ ही स्वच्छता, सोलर लाइट, सिंचाई और रास्तों जैसी सुविधाओं के लिए यूजर चार्ज लेने का भी प्रावधान किया जा रहा है।

प्राकृतिक संसाधनों पर भी सेस

पंचायतों को प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग पर सेस लगाने का अधिकार भी दिया जा सकता है। हालांकि इसके लिए पंचायतों को प्रस्ताव पारित कर स्पष्ट करना होगा कि कर क्यों लगाया जा रहा है और उसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए होगा।

गरीब परिवारों को राहत

सरकार इस व्यवस्था में संतुलन बनाए रखने की कोशिश भी कर रही है। शुरुआती दौर में छोटे और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को कर से राहत देने का विचार है, ताकि उन पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

जिलों से मांगे जा रहे सुझाव

नियमावली का प्रारूप तैयार कर लिया गया है और फिलहाल जिला स्तर पर अधिकारियों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसके बाद प्रस्ताव को कैबिनेट में पेश किया जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

पंचायतों की बड़ी भूमिका

प्रदेश में 7800 से अधिक ग्राम पंचायतें, 89 क्षेत्र पंचायतें और 13 जिला पंचायतें हैं। ऐसे में यह फैसला ग्रामीण प्रशासन की दिशा बदलने वाला साबित हो सकता है।
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