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Image : सांकेतिक फोटो ( Jaunsar Uttarakhand marriage news)

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Jaunsar marriage: जौनसार शादी में काकटेल पार्टी फास्ट फूड बैन, महिलाएं पहन सकेंगी 3 गहनें

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Jaunsar Uttarakhand marriage news  : वैवाहिक कार्यक्रमों में अंग्रेजी शराब बियर फास्ट फूड पर लगी रोक, महिलाओं को केवल तीन गहने पहनने की अनुमति…

Liquor wine beer alcohol cocktail party, fast food ban Jaunsar dehradun marriage, women wear 3 ornaments uttarakhand latest news today : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बड़ी खबर सामने आ रही है ,जहां पर जौनसार बावर की खत शैली के ग्रामीणों ने समाज हित में 9 महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। जिसमें उन्होंने वैवाहिक कार्यक्रम में अंग्रेजी शराब बियर फास्ट फूड परोसने पर रोक लगाई है। इसके साथ ही वैवाहिक कार्यक्रमों में महिलाओं को केवल तीन गहने पहनने की अनुमति होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा।

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अभी तक मिली जानकारी के अनुसार राजधानी देहरादून के जौनसार बावर के दोहा गांव के खत शैली के ग्रामीणों ने बीते शुक्रवार को एक अहम बैठक की। इस बैठक में उन्होंने सर्वसम्मति से 9 महत्वपूर्ण फैसले लिए जिसमे उन्होंने वैवाहिक कार्यक्रमों में अंग्रेजी शराब ,बीयर और फास्ट फूड चाऊमीन मोमो टिक्की चाट) पर रोक लगाई है। इसके अलावा महिलाओं के लिए भी विवाह कार्यक्रम के दौरान के महत्वपूर्ण नियम बनाए हैं ,जिसमें महिलाएं नाक मे फुली, कान में झुमकी या तूंगल व गले मे कांडुडी, मंगलसूत्र ही पहन सकेंगी। बताते चले इन निर्णयों का उल्लंघन करने पर परिवार के कार्यक्रम में खतवासी शामिल नहीं होंगे। इतना ही नहीं बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले परिवार पर ₹1 लाख का दंड भी लगाया जाएगा।

परिवार की पहली शादी मे मामा द्वारा बकरा आटा चावल और कच्ची दारू दी जा सकेगी लेकिन मिठाई पर रहेगी रोक ( dehradun Jaunsar Bawar news update) 

खत के सदर स्याणा राजेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में गांव दोहा में हुई बैठक में 25 गांवो के ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिसमें यह भी तय किया गया कि चालदा महासू देवता का दोहा गांव से कचटा के लिए प्रस्थान बारह खतों की ओर से तय किये गए कार्यक्रम के अनुसार 2 वर्ष के प्रवास के बाद जून 2026 में किया जाएगा। जबकि 13 दिसंबर 2025 को गांव कचटा के खतकोरू के गणमान्य व्यक्तियों का एक दल चालदा देवता के कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने दोहा आएगा। यह निर्णय लिया गया है की कार्यक्रमों में परिवार की शादीशुदा बेटी की ओर से दिए जाने वाला बकरा भी स्वीकार नहीं होगा। बारिया के जाग ( यानी परिवार की पहली शादी ) मे मामा द्वारा बकरा आटा चावल और कच्ची दारू दी जा सकेगी लेकिन मिठाई पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी।

रहिणी भोज में भी लागू होंगे यह निर्णय ( Dehradun Jaunsar Bawar Rehini feast) 

बताते चलें बैठक में यह तय हुआ है कि रहिणी भोज में मिठाई और फल दिए जा सकते हैं लेकिन ड्राई फ्रूट और गिफ्ट नहीं दिए जाएंगे। उपहार के तौर पर चांदी का सिक्का भी प्रतिबंधित रखा गया है। रहिणी भोज जौनसार बावर की सामाजिक परंपरा है जिसके तहत पूरा गांव खत के लोगो को मेहमान के रूप मे बुलाता है जो विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों का एक हिस्सा है।

अक्टूबर में चकराता के कंधाड गांव में भी हुआ था फैसला ( dehradun Kandhad village of Chakrata) 

गौर हो बीते अक्टूबर माह में चकराता के कंधाड गांव में इस तरह का फैसला लिया जा चुका है, जिसमें शादी जैसे कार्यक्रमों में महिलाएं सिर्फ तीन गहने ही पहन सकती हैं। इसके बाद 10 नवंबर को खारसी में भी यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। गांव के लोगों ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लोग खुद को उपेक्षित महसूस ना कर सके। वैसे ही सोने के दाम आसमान छू रहे हैं जिसके चलते हर व्यक्ति के लिए गहने बना पाना कोई साधारण बात नहीं है। गांव वालों का यह फैसला अमीरी गरीबी के फर्क मिटाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय है जिसके चलते गांव में होने वाली शादियों और अन्य शुभ आयोजन बेहद सादगी से होंगे।

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