Connect with us
shobhit singh assistant teacher bajpur suspend due to fake domicile document uttarakhand bharti scam latest update today
Image : सांकेतिक फोटो ( Uttarakhand teacher bharti scam)

Home / UTTARAKHAND NEWS / Uttarakhand fake teacher: उत्तराखण्ड भर्ती घोटाला फर्जी प्रमाण पत्र सहायक शिक्षक सस्पेंड

UTTARAKHAND NEWS ऊधमसिंह नगर

Uttarakhand fake teacher: उत्तराखण्ड भर्ती घोटाला फर्जी प्रमाण पत्र सहायक शिक्षक सस्पेंड

1 min read

Uttarakhand teacher bharti scam: दो राज्यो मे स्थाई निवास प्रमाण पत्र बनवाने वाले सहायक शिक्षक पर गिरि गाज, छ्टनी हुई शुरू…

shobhit singh assistant teacher bajpur suspend due to fake domicile document uttarakhand bharti scam latest update today: उत्तराखंड में प्राथमिक शिक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है ,जहां पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड यानी दो जगह का स्थायी निवास प्रमाण पत्र बनाकर सहायक अध्यापक की नौकरी हथियाने वाले शिक्षकों पर अब गाज गिरनी शुरू हो गई है। दरअसल इस मामले में बीते वर्ष सहायक अध्यापक पद पर तैनात उधम सिंह नगर जिले के एक शिक्षक को फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने के चलते पद से निलंबित कर दिया गया है। शिक्षक के निलंबित होने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं फर्जी तरीके से सहायक अध्यापक बनने वाले शिक्षकों की नौकरी पर भी तलवार लटक रही हैं।

यह भी पढ़े :Uttarakhand News: रुद्रप्रयाग में B.ed की फर्जी डिग्री से बना शिक्षक, जेल में कटेगी जिंदगी

अभी तक मिली जानकारी के अनुसार उधम सिंह नगर जिले मे बीते वर्ष सहायक अध्यापक पद पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय नई आबादी हरसान बाजपुर में नियुक्त शोभित सिंह को फर्जी तरीके से सहायक शिक्षक बनने पर पद से निलंबित कर दिया गया है। बताते चले फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्यवाही तेज हो गई है जिससे विभाग में खलबली मच गई है।

वित्तीय वर्ष 2024 -25 में सहायक शिक्षकों के 309 पदों पर हुई थी भर्ती

वित्तीय वर्ष 2024 -25 में जिले में सहायक शिक्षकों के 309 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी जिसमें बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश से डीएलएड करने वाले अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इतना ही नहीं बल्कि 40 से अधिक लोगों को मेरिट और शपथ पत्र के आधार पर सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी दी गई जिनमें से एक शोभित सिंह भी शामिल थे। हालांकि कुछ माह बाद ही शोभित सिंह के खिलाफ विभाग को शिकायत मिली थी, जिसमें शोभित की ओर से फर्जी तरीके से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का स्थाई निवास और ईडब्ल्यूएस का प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल करने का गंभीर आरोप लगा था।

फर्जी प्रमाणपत्रों से सहायक अध्यापक बनने पर शोभित सिंह पर गिरि गाज

डीईओ प्रारंभिक हरेंद्र कुमार मिश्र ने मामले की जांच उप शिक्षा अधिकारी बाजपुर को सौंपी जिन्होंने जाँच मे पाया की सहायक अध्यापक ने डीएलएड के लिए उत्तर प्रदेश और सहायक अध्यापक के लिए उत्तराखंड का स्थाई निवास और ईडब्ल्यूएस फर्जी तरीके से बनाया है ,जिसके कारण उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया गया है।

Continue Reading

More in UTTARAKHAND NEWS

To Top