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पिथौरागढ़ : माँ के हाथ से बच्चा छूट तेज नाले में बहा, माँ बोली बच्चे को मिला जीवनदान

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Pithoragarh heavy rain: माँ के हाथ से बच्चा छूट तेज नाले में बहा, दूसरे दिन मलबे में मिला तो माँ बोली बच्चे को मिला जीवनदान

पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी तहसील में बारिश ने तो भारी नुकसान किया ही था, लेकिन बीते रविवार को बादल फटने से क्षेत्र में तबाही मच गई। बात बीते शनिवार की है जब मूसलाधार बारिश (pithoragarh heavy rain) के दौरान धापा गांव में पहाड़ी से अचानक मलबा गिरने लगा। ऐसे माहोल में भूस्खलन की डर से अपने पांच साल के बेटे तन्मय के साथ गीता देवी रात करीब साढे़ बारह बजे घर से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान की ओर निकल गई। लेकिन बारिश में भागने के दौरान ही एक नाले में तन्मय का हाथ छूट गया और वह नाले के तेज बहाव में बह गया। बच्चे को नाले में बहता देख जब उसने चीख पुकार मचानी शुरू कर दी जिससे ग्रामीण मौके पर आ गए। रात में ग्रामीणों ने उसकी काफी तलाश की लेकिन वह कहीं नहीं मिला। तड़के सुबह करीब पांच बजे तन्मय के ताऊ पूरन सिंह धपवाल ग्रामीणों को लेकर उसी नाले में बच्चे को खोजने लगे। इसी घटनास्थल से तकरीबन दौ सो मीटर की दूरी पर तन्मय का हाथ हिलता नजर आया।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार मुनस्यारी तहसील में मूसलाधार बारिश से धापा गांव में पहाड़ी से अचानक मलबा गिरने लगा। जिसकी वजह से गांव की गीता देवी अपने बेटे तन्मय को लेकर किसी सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगी लेकिन रास्ते में एक नाले पर बेटे से हाथ छूट गया और वह पानी के तेज बहाव में बह गया।रात के तकरीबन 12 बजे थे ऐसे में गीता देवी को भी बच्चे को ढूंढने में बहुत चोट आ गई। गीता देवी ने फिर मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। जिससे ग्रामीण एकत्र हो गए और बच्चे की तलाश करने लगे लेकिन तन्मय कहीं भी नहीं मिला। सुबह करीब पांच बजे तन्मय के ताऊ पूरन सिंह धपवाल ग्रामीणों को लेकर उसी नाले में बच्चे को खोजने लगे। इसी घटनास्थल से तकरीबन दौ सो मीटर की दूरी पर तन्मय मलबे में दबा मिला। दरअसल बच्चा मलबे में दब चुका था। उसे मलबे से निकाल कर तुरंत प्राथमिक उपचार ले गए जहाँ उसका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों ने तन्मय को खतरे से बाहर बताया है।
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