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उत्तराखण्ड : पहाड़ में बारिश का कहर छ: मकान समा गए उफनती नदी में

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Rain in pithoragarh: पहाड़ में आफत की बारिश, क‌ई आशियाने धराशाई, चीन सीमा को जोड़ने वाले सभी मार्ग बंद

उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में लगातार होती बारिश स्थानीय लोगों के लिए बड़ी मुसीबत साबित हो रही है। लगातार होती मूसलाधार बारिश (Rain in pithoragarh) से जहां क‌ई सड़कें बंद पड़ी है वहीं लोगों का जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बात पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी की करें तो यहां बीती रात आफत की बारिश हुई है। शनिवार रात को यहां 125 एम‌एम बारिश हुई। जिससे गोरी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बीती रात क्षेत्र में स्थित छः मकान गोरी नदी में समा ग‌ए। मुनस्यारी क्षेत्र को जोड़ने वाली सभी सड़कों के बंद हो जाने से जहां क्षेत्र का शेष पिथौरागढ़ जनपद से सम्पर्क कट गया है वहीं चीन सीमा को जोड़ने वाली सभी पुलिया बह ग‌ई है। कहीं-कहीं क‌ई मीटर सड़क बह जाने के भी समाचार है। हालांकि अभी तक जनहानि की कोई अप्रिय घटना नहीं घटित हुई है लेकिन बारिश लगातार आपदा का रूप लेती जा रही है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। क‌ई गांवों में फसलें नष्ट हो गई है तो क‌ई घरों में पानी भर गया है जिस कारण ग्रामीणों को खुले आसमान के नीचे रात भी गुजारनी पड़ी है।
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आपदा ग्रस्त क्षेत्रों के लिए रवाना हुआ प्रशासन, बीआरओ, लोक निर्माण विभाग व पीएमजीएसवाई की टीमों ने शुरू किया मार्गों को खोलने का कार्य:- प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के पिथौरागढ़ जनपद के मुनस्यारी तहसील में शनिवार रात जमकर बारिश हुई। इस भारी बारिश के कारण जहां कई मकान खतरे की जद में आ गए वहीं बंगापानी तहसील के छोरीबगड़ में छः मकान गोरी नदी में बह गए। इस दौरान सभी परिवारों के मवेशी पानी के तेज बहाव में बह गए। लगातार हो रही बारिश से गोरी नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है और मदकोट सहित कई स्थानों पर वह खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। थल मुनस्यारी, टनकपुर तवाघाट हाईवे जहां भारी मलबा आने से बंद हो गया है वहीं सेरा में चक्की के पास बना आरसीसी पुल और सड़क बह ग‌ई है। चीन सीमा को जोड़ने वाली सभी पुलिया नदी के तेज प्रवाह में बह ग‌ई है जिसमें आठ दिन पूर्व बना एक नया पुल भी शामिल है। सूचना मिलने के बाद प्रशासन की टीम आपदाग्रस्त क्षेत्रों के लिए रवाना हो गई है। मुनस्यारी के अपर जिलाधिकारी आर डी पालीवाल, भी अपनी टीम के साथ आपदाग्रस्त क्षेत्रों में हुए नुकसान का जायजा लेने रवाना हो गए हैं। दूसरी ओर लोनिवि, बीआर‌ओ तथा पीएमजीएसवाई की टीमें मलबा आने से बंद हुई सड़कों को खोलने, ध्वस्त हुए पुलों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है।

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