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UKSSSC paper leak Mobile banned, jammers were not working how exam out 2025 uttarakhand latest news update
Image : सांकेतिक फोटो ( UKSSSC paper leak 2025)

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UTTARAKHAND NEWS देहरादून

UKSSSC paper leak: सवालों के घेरे में परीक्षा, मोबाइल प्रतिबंधित केंद्र से कैसे लीक हुआ पेपर

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UKSSSC paper leak 2025: UKSSSC परीक्षा के दौरान मोबाइल था प्रतिबन्ध फिर केंद्र में कैसे खींच गया फोटो, पेपर का बाहर आना कर रहा बड़े प्रश्न चिन्ह खड़े, सवालों के घेरे में आयोग..

UKSSSC paper leak Mobile banned, jammers were not working how exam out 2025 uttarakhand latest news update: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से बीते रविवार को स्नातक स्तरीय परीक्षा आयोजित की गई थी। जिसमें 11:00 बजे से परीक्षार्थियों का पेपर शुरू हुआ लेकिन इसके महज आधे घंटे बाद ही पेपर सोशल मीडिया पर तैरने लगा। UKSSSC की स्नातक स्तरीय परीक्षा का पेपर बाहर आना एक बड़ी पहेली बन गया है। जिससे यह तो साबित हो गया है की जिस पेपर मे आयोग जैमर लगे जाने की बात कर रहा है वो काम नही करा वहीं दूसरा सवाल यह है कि मोबाइल प्रतिबंध था तो परीक्षा केंद्र से फोटो कैसे खींच गया।

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अभी तक मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में बेरोजगार संघ समेत प्रदेश के समस्त युवाओं ने सरकार और आयोग को घेरना शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी ओर अभ्यर्थियों को सख्त जांच से गुजरने के बाद ही परीक्षा केंद्र में भीतर प्रवेश दिया जा रहा था। ऐसे में आयोग ने भी स्वीकार किया है की परीक्षा कक्षा के भीतर से फोटो खींचकर बाहर भेजी गई है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर यह फोन किसका था और यह परीक्षा केंद्र मे कैसे घुस गया। क्या इस मामले में कोई और भी शामिल है। हालांकि पेपर भेजने का आरोपी खालिद अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसके लिए आयोग भी इस सवाल का जवाब तलाश रहा है कि खालिद की मदद किसने की। पूछताछ मे ही खुलासा हो सकेगा की इतनी सारी पाबंदियां होने के बावजूद तस्वीर बहार कैसी आई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा बख्शे नही जाएंगे नकल माफिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चेतावनी देते हुए कहा है की नकल माफिया किसी भी हालत में बख्शे नहीं जाएंगे। उनका कहना है कि कुछ नकल कोचिंग माफिया सरकार को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, जल्द ही इसका खुलासा किया जाएगा। धामी सरकार ने कहा की भर्ती प्रक्रिया में बाधा न पहुंचे इसके लिए सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई है। लेकिन इससे कुछ लोगों को परेशानी होने लगी है और वह सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में एक बार फिर ऐसा किया गया है जबकि यह पेपर लीक जैसा मामला नहीं है।

परीक्षा केंद्रों मे लगे थे नाकाम जैमर, 5 जी नेटवर्क पर नहीं लगा सके लगाम

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से कहा गया कि सभी 445 केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे लेकिन वो 4G नेटवर्क को रोकने वाले थे। जिसके कारण 5G नेटवर्क को वह नहीं रोक सके। आयोग ने स्नातक स्तरीय परीक्षा का पेपर लीक होने से रोकने के लिए पूरे इंतजाम किए थे जिसके लिए केंद्र सरकार के अधीन एक कंपनी द्वारा जैमर लगाए गए थे। विशेषज्ञों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ऐसे जैमर 5G नेटवर्क को रोकने में नाकाम है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों में 5G नेटवर्क चल रहा है। बताते चले 4G नेटवर्क आमतौर पर 700 मेगाहर्ट्स, एमएम वेव 24 गीगाहर्टस तक काम करता है। जैमर एक तय फ्रीक्वेंसी रेंज में ही जाम करता है जिसके कारण वो 5G नेटवर्क को जाम नहीं कर सकता।

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