UTTARAKHAND NEWS उत्तरकाशी
उत्तरकाशी डोडीताल में बड़ा हादसा आकाशीय बिजली गिरने से 300 बकरियों की मौत की आशंका!
1 min read
|Uttarkashi Lightning Incident| Uttarkashi Breaking News Today| उत्तरकाशी के डोडिताल क्षेत्र में बड़ा हादसा, आकाशीय बिजली गिरने से सैकड़ों बकरियों की मौत की आशंका
|Uttarkashi Lightning Incident| Uttarkashi Breaking News Today|
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आ रही है। भटवाड़ी ब्लॉक की अस्सी गंगा घाटी स्थित डोडिताल के समीप पखोटी बुग्याल में सोमवार रात हुए हादसे में बड़ी संख्या में भेड़-बकरियों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मांझी गांव के पशुपालकों की करीब 300 बकरियों की मौत हो गई है, जबकि लगभग 250 बकरियां अभी भी लापता बताई जा रही हैं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र के पशुपालकों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
यह भी पढ़ें : Uttarakhand: उत्तराखंड के पहाड़ों पर दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें, 50 मिनी और 140 नई ई-बसें होंगी शामिल
आकाशीय बिजली गिरने की जताई जा रही आशंका(Lightning Strike in Uttarkashi)
स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार रात डोडिताल क्षेत्र में मौसम अचानक बिगड़ गया था। इसी दौरान पखोटी बुग्याल में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई जा रही है, जिससे खुले चरागाह में मौजूद बड़ी संख्या में भेड़-बकरियां इसकी चपेट में आ गईं। हालांकि, हादसे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है और इसकी आधिकारिक पुष्टि भी बाकी है।
प्रशासनिक पुष्टि का इंतजार(Official Investigation)
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को सूचना दी गई है। फिलहाल प्रशासन और पशुपालन विभाग की ओर से बकरियों की मौत के कारण को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा वास्तव में आकाशीय बिजली गिरने से हुआ या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।
यह भी पढ़ें : Uttarakhand : दार्जिलिंग में तैनात टिहरी का अग्निवीर जवान सूरज भट्ट रहस्यमय परिस्थितियों में गायब
पशुपालकों को हुआ भारी आर्थिक नुकसान(Livestock Loss in Uttarakhand)
इस हादसे से मांझी गांव के पशुपालकों को भारी आर्थिक झटका लगा है। पहाड़ी क्षेत्रों में पशुपालन कई परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है और इतनी बड़ी संख्या में भेड़-बकरियों का नुकसान उनके लिए गंभीर संकट बन गया है। वहीं, लापता बताई जा रही करीब 250 बकरियों की तलाश भी जारी है।
मुआवजे और सहायता की उठी मांग(Compensation Demand)
घटना के बाद प्रभावित पशुपालकों ने प्रशासन से नुकसान का जल्द आकलन कराने और उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते राहत और मुआवजा नहीं मिला, तो प्रभावित परिवारों के सामने आजीविका का संकट गहरा सकता है। प्रशासन की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई और राहत संबंधी निर्णय लिए जाने की संभावना है।
