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उत्तराखण्ड: शहीद राहुल रैंसवाल को मिला सेना मेडल, आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान पाई थी वीरगति
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Martyr Rahul Rainswal uttarakhand: मां भारती की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद राहुल रैंसवाल को मरणोपरांत मिला सेना मेडल..
पुलवामा जिला दक्षिणी कश्मीर के पंपोर में दो साल पहले शहीद हुए राहुल रैंसवाल को उनके अदम्य साहस वीरता एवं बहादुरी के लिए मरणोपरांत सेना मेडल दिया गया है। बता दें कि शहीद राहुल रैंसवाल को यह सम्मान राष्ट्रीय राइफल्स की 50वीं बटालियन की ओर से उत्तरी कमान मुख्यालय उधमपुर में आयोजित हुए एक कार्यक्रम में प्रदान किया गया। शहीद राहुल की ओर से जहां उनके पिता वीरेंद्र सिंह रैंसवाल और मां हरू देवी ने यह मेडल और प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया। वहीं राष्ट्रीय रायफल्स की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शहीद के माता-पिता को यह मेडल प्रदान किया गया। इस दौरान अपने संबोधन में लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने कहा कि राहुल ने अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान का प्रदर्शन किया।
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गौरतलब हो कि मूल रूप से राज्य के चम्पावत जिले के तल्लादेश के रियासीबमन गांव निवासी एवं वर्तमान में चम्पावत जिले के कनलगाव में रहने वाले राहुल रैंसवाल बीते 21 जनवरी 2020 को पंपोर में आतंकियों से लड़ते हुए राहुल शहीद हो गए थे। महज 26 वर्ष की उम्र में शहीद हुए राहुल भारतीय सेना की 18 कुमाऊं रेजिमेंट में तैनात थे परन्तु शहादत के समय उनकी पोस्टिंग 50 आरआर में थी। बताते चलें कि एक सैन्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले शहीद राहुल रैंसवाल के पिता राहुल के पिता वीरेंद्र सिंह रैंसवाल भी भारतीय सेना की असम राइफल्स के सेवानिवृत जवान हैं।
(Martyr Rahul Rainswal uttarakhand)
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