उत्तराखण्ड चम्पावत
उत्तराखंड: पहाड़ में आपात सेवा 108 की एंबुलेंस हुई खराब, नवजात ने तोड़ा दम
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Champawat Ambulance service 108: समय पर मिल जाती एंबुलेंस तो बच सकती थी नवजात शिशु की जान, जन्म के महज चार दिनों बाद तोड़ा दम, परिजनों में कोहराम…
राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की खस्ता हालत आज किसी से छिपी नहीं है। आए दिन सामने आने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली की खबरें न केवल गरीब एवं असहायजनों के लिए चिंता का विषय है बल्कि सत्ता के सिंहासन पर मदमस्त बैठे सिपाहसलारों को भी आईना दिखाने का काम करती है। ऐसी ही एक दुखद खबर आज चम्पावत जिले से सामने आ रही है जहां समय पर एंबुलेंस ना मिलने से चार दिन के एक नवजात शिशु ने धरती पर कदम रखने के चंद दिनों बाद ही दुनिया को अलविदा कह दिया। इस घटना से जहां मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है वहीं पूरे क्षेत्र में भी मातम पसरा हुआ है। हर कोई घटना की चर्चा कर पीड़ित परिवार एवं मृतक बच्चे के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कर रहा है।
(Champawat Ambulance service 108)
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प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से राज्य के चंपावत जिले के रीठा साहिब क्षेत्र के चौड़ामेहता निवासी प्रदीप सिंह मेहता की पत्नी चंद्रकला मेहता ने बीते 1 सितंबर को बेटे को जन्म दिया। बताया गया है कि रविवार को नवजात शिशु की तबीयत एकाएक बिगड़ने लगी जिस पर परिजन उसे लेकर रीठा साहिब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जहां ड्यूटी पर तैनात प्रभारी चिकित्साधिकारी आकाश रावत ने बच्चे में आक्सीजन लेवल की कमी को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया परन्तु रीठा साहिब की आपात सेवा 108 की एंबुलेंस खराब होने से परिजनों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। जिस पर पाटी से एक एम्बुलेंस रीठा साहिब की ओर भेजी गई उधर दूसरी ओर आनन-फानन में परिजन, एक प्राइवेट टैक्सी बुक करके बच्चे को पाटी की ओर ले जाने लगे। रास्ते में टाकखंदक गांव के पास बच्चे को टैक्सी से एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया, जिसके बाद एंबुलेंस ने बच्चे को पाटी अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक नवजात शिशु दम तोड चुका था।
(Champawat Ambulance service 108)
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