UTTARAKHAND NEWS रूद्रप्रयाग
Bharat Chaudhary Rudraprayag: रूद्रप्रयाग साधारण परिवार का बेटा बना मंत्री, भरत चौधरी ने ली शपथ
1 min read
Bharat Chaudhary Rudraprayag: son of an ordinary family became uttarakhand cabinet minister biography: संघर्ष से शिखर तक: रुद्रप्रयाग के भरत चौधरी की सियासी यात्रा, अब कैबिनेट तक पहुंचा सफर
Bharat Chaudhary Rudraprayag: son of an ordinary family became uttarakhand cabinet minister biography: रुद्रप्रयाग की पहाड़ियों से निकला एक साधारण परिवार का बेटा आज प्रदेश की सत्ता के केंद्र तक पहुंच चुका है। वर्षों के संघर्ष, जनसेवा और राजनीतिक धैर्य ने भरत सिंह चौधरी को उस मुकाम पर ला खड़ा किया है, जहां अब वे उत्तराखंड कैबिनेट का हिस्सा बन गए हैं।
गांव से शुरू हुआ सफर Bharat Chaudhary Rudraprayag mla
साल 1959 में तत्कालीन चमोली जिले के रानीगढ़ पट्टी के गडबू गांव में जन्मे भरत चौधरी का जीवन किसी आम पहाड़ी परिवार की तरह ही शुरू हुआ। पिता स्वर्गीय सुबेदार छोटाण सिंह चौधरी से उन्हें अनुशासन और सेवा का संस्कार मिला प्राथमिक शिक्षा गांव के स्कूल से लेने के बाद उन्होंने गौचर इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट किया और फिर देहरादून के डीएवी कॉलेज से बीए-एलएलबी की पढ़ाई पूरी की।
छात्र राजनीति से जनसेवा तक bharat Chaudhary biography
उनका राजनीतिक सफर छात्र जीवन से ही शुरू हो गया था। 1979 से 1982 के बीच वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे। इसके बाद उन्होंने स्थानीय स्तर पर सक्रिय राजनीति की ओर कदम बढ़ाया और 1985 में साधन सहकारी समिति के अध्यक्ष बने. ग्राम प्रधान, जिला परिषद सदस्य जैसे पदों पर रहते हुए उन्होंने जमीनी राजनीति को करीब से समझा। कई चुनावी हार-जीत के दौर से गुजरते हुए उन्होंने अपने अनुभव को और मजबूत किया।
हार से सीख, जीत से पहचान
कर्णप्रयाग विधानसभा सीट से कई बार चुनाव लड़ने के बावजूद सफलता तुरंत नहीं मिली, लेकिन उन्होंने पीछे मुड़कर देखने के बजाय खुद को और मजबूत किया। उत्तराखंड गठन के बाद रुद्रप्रयाग सीट से मैदान में उतरे और धीरे-धीरे क्षेत्र में अपनी पकड़ बनाई। भाजपा से जुड़ने के बाद उनके राजनीतिक जीवन ने नया मोड़ लिया।
बड़ी जीत और मजबूत जनाधार
2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत दर्ज की। 2022 में इस जीत को और मजबूत करते हुए उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। आज उनकी पहचान एक ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में बन चुकी है, जो लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं और जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं।
संगठन से सरकार तक
विधानसभा की विभिन्न समितियों में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ-साथ वे संस्कृत भाषा प्रोत्साहन समिति के सभापति भी हैं। उनकी छवि एक संतुलित और कार्यशील नेता की रही है, जिसने संगठन और जनता दोनों के बीच भरोसा कायम किया।
अब नई जिम्मेदारी
कैबिनेट में शामिल होना सिर्फ एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों का नया दौर भी है। ऐसे समय में जब प्रदेश कई चुनौतियों से जूझ रहा है, भरत चौधरी के सामने खुद को साबित करने का बड़ा अवसर होगा।
यह भी पढ़ें- Uttarakhand cabinet minister: 5 मंत्रियों ने ली शपथ, राम मदन को ताज प्रदीप भरत खजान करेंगे राज
👉👉उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP CHANNEL को Follow कीजिए on
👉👉TWITTER पर जुडिए।
