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Dehradun guldar attack today: देहरादून गुलदार का हमला जंगल में मिला क्षत-विक्षत शव
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Dehradun guldar attack today : विकासनगर के जंगल में दर्दनाक हादसा: लकड़ी बीनने गए बुजुर्ग को गुलदार ने बनाया शिकार, क्षेत्र में दहशत
Dehradun guldar attack today: vikasnagar irfan died leopard tiger human wildlife uttarakhand breaking latest coverage: उत्तराखण्ड में पहाड़ से लेकर मैदान तक जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है। मानव वन्य जीव संघर्ष की ऐसी ही एक दुखद खबर आज राज्य के देहरादून जिले से सामने आ रही है जहां विकासनगर क्षेत्र में कालसी वन प्रभाग के चौहड़पुर रेंज के घने जंगल में लकड़ी लेने गए एक बुजुर्ग की संदिग्ध रूप से गुलदार के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है।
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रोज की तरह जंगल में सूखी लकड़ियां लेने गए थे, मिला क्षत-विक्षत शव vikasnagar latest news today
अभी तक मिल रही जानकारी के अनुसार सहसपुर और छरबा के बीच स्थित जंगल में 65 वर्षीय इरफान, जो रोजाना की तरह सूखी लकड़ियां इकट्ठा करने गए थे, अचानक वन्यजीव के हमले का शिकार हो गए। बताया जा रहा है कि झाड़ियों में छिपे गुलदार ने अचानक हमला किया, जिससे उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी जान चली गई।
वन विभाग ने बरामद किया शव, पुलिस पोस्टमार्टम के लिए भेजा vikasnagar Dehradun latest news
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार मृतक स्थानीय क्षेत्र का निवासी था और जंगल के आसपास के रास्तों से भली-भांति परिचित था।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा vikasnagar breaking news today
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक तौर पर मामला गुलदार के हमले का प्रतीत हो रहा है, लेकिन वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। विभाग की ओर से क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और वन्यजीव की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा भी देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि जंगलों के पास बसे गांवों में वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे आम जनजीवन असुरक्षित होता जा रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद ठोस समाधान नहीं निकल पाने से लोगों में नाराजगी है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में वन्यजीव हमले की पुष्टि होती है, तो पीड़ित परिवार को निर्धारित मुआवजा दिया जाएगा।
