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Gas cylinder breaking news: घर में हैं PNG पाइप लाइन तो सरेंडर करना होगा गैस सिलेंडर
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Gas cylinder breaking news: If there is a PNG pipeline in the house, then the gas cylinder will have to be surrendered: सरकार का बड़ा फैसला: PNG कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को सरेंडर करना होगा LPG, ऊर्जा प्रबंधन के लिए नया आदेश
Gas cylinder breaking news: If there is a PNG pipeline in the house, then the gas cylinder will have to be surrendered: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंताओं के बीच भारत सरकार ने घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जी हां केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन उपभोक्ताओं के घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन पहले से मौजूद है, वे अब घरेलू एलपीजी कनेक्शन साथ-साथ नहीं रख सकेंगे। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
सरकार के इस कदम को ऊर्जा संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और गैस वितरण व्यवस्था को संतुलित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंत्रालय के अनुसार PNG और LPG दोनों कनेक्शन एक साथ रखने से गैस की मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन की स्थिति पैदा होती है। इसके साथ ही कई स्थानों पर दोहरे उपयोग और अव्यवस्थित वितरण की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
रिफिल नहीं मिलेगा एलपीजी सिलेंडर
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जिन घरों में PNG कनेक्शन सक्रिय है, वे सरकारी तेल कंपनियों या उनके अधिकृत वितरकों से LPG सिलेंडर का रिफिल नहीं ले सकेंगे। ऐसे उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करने की सलाह दी गई है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो भविष्य में सिलेंडर की आपूर्ति स्वतः बंद की जा सकती है।
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार 14 मार्च को जारी आदेश का उद्देश्य घरेलू गैस संसाधनों का सुव्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संकट की आशंकाओं के बीच सरकार चाहती है कि गैस वितरण प्रणाली पारदर्शी और संतुलित बनी रहे।
ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सरकार ने दी सफाई
ईरान संकट के बाद देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर लोगों में चिंता देखी जा रही थी। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में कच्चे तेल और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है और कहीं भी ईंधन की कमी की स्थिति नहीं है। सभी रिफाइनरियां अपनी क्षमता के अनुसार काम कर रही हैं और पेट्रोल पंप सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं।
सरकार ने यह भी बताया कि संयुक्त अरब अमीरात से भारतीय ध्वज वाला जहाज ‘जग लाडकी’ लगभग 81 हजार टन मुर्बन कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा है। इसके अलावा फारस की खाड़ी से रवाना हुआ LPG कैरियर ‘शिवालिक’ भी भारत की ओर बढ़ चुका है और जल्द ही बंदरगाह पर पहुंचने की संभावना है। इन जहाजों के आगमन से ऊर्जा आपूर्ति और मजबूत होने की उम्मीद है।
ऊर्जा संकट की आशंका के बीच सतर्कता
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के कारण दुनिया भर में ऊर्जा बाजार पर दबाव बना हुआ है। इसी कारण देश के कई शहरों में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। सरकार का मानना है कि गैस वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाकर संभावित संकट की स्थिति से पहले ही निपटा जा सकता है।
भारतीय नागरिकों की वापसी भी जारी
खाड़ी क्षेत्र में हालात को देखते हुए सरकार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर भी नजर बनाए हुए है। अब तक लगभग 20 हजार भारतीय नागरिक सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। सऊदी अरब और ओमान से उड़ानें नियमित रूप से संचालित हो रही हैं, जबकि कुछ देशों के हवाई क्षेत्र सीमित रूप से खुले हैं। विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों के संपर्क में बने हुए हैं। सरकार का कहना है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नए आदेश का उद्देश्य केवल गैस वितरण व्यवस्था को संतुलित करना और संसाधनों के अनावश्यक दोहरे उपयोग को रोकना है, ताकि जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक गैस की उपलब्धता सुचारु रूप से बनी रहे।
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