LEOPARD IN UTTARAKHAND UTTARAKHAND GULDAR
उत्तराखंड: बिजनौर के मशहूर शिकारियों की गोली से ढेर हुआ आदमखोर गुलदार, आंतक से मिली मुक्ति
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guldar killed in uttarakhand: ढेर हुआ आतंक का पर्याय बन चुका आदमखोर गुलदार, बिजनौर के मशहूर शिकारियों ने बनाया निशाना..
राज्य में जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक के बीच एक राहत भरी खबर अल्मोड़ा जिले से सामने आ रही है जहां पेटवाल क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन चुका आदमखोर गुलदार बिजनौर के मशहूर शिकारियों नवाब सैफी आसिफ और राजीव सौलोमणी की गोली से बीते बृहस्पतिवार को ढेर हो गया।(guldar killed in uttarakhand) आदमखोर गुलदार का अंत होने से जहां क्षेत्र में गुलदार का आतंक भी समाप्त हो गया वहीं क्षेत्रवासियों ने भी लम्बे समय बाद राहत की सांस ली। बताया गया है कि मृतक आदमखोर लगभग नौ वर्ष का मादा थी। विदित हो कि इस आदमखोर गुलदार ने जिले के भैंसियाछाना ब्लॉक के डुगरी-पेटशाल के उडल तोक निवासी देवेंद्र सिंह मेहता के मासूम बच्चे हर्षित को बीते 6 जुलाई को अपना निवाला बना लिया था। इतना ही नहीं गुलदार ने इसके दो दिन बाद गांव की ही एक अन्य वृद्ध महिला आनंदी पत्नी स्व. हरी राम को भी मार डाला था। जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल था। बता दें कि क्षेत्र में गुलदार की लगातार बढ़ती गतिविधियों को देखकर डीएफओ महातिम सिंह यादव ने पेटशाल से उडल तक 10 वर्ग किमी के क्षेत्र में रेड अलर्ट घोषित कर दिया था।
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जिस स्थान पर मिला था मृतक मासूम हर्षित का शव वहीं ढेर हुआ गुलदार, हर्षित की मां ने गुलदार की फोटो देखकर की आदमखोर की पुष्टि:-
बता दें कि राज्य के अल्मोड़ा जिले के भैंसियाछाना ब्लॉक के डुगरी-पेटशाल के उडल तोक निवासी देवेंद्र सिंह मेहता के मासूम बच्चे हर्षित सहित एक अन्य वृद्ध महिला आनंदी पत्नी स्व. हरी राम को बीते दिनों अपना निवाला बनाने वाला गुलदार बीते बृहस्पतिवार को ढेर हो गया। बताया गया है कि आदमखोर गुलदार उसी स्थान पर ढेर हुआ जहां से मासूम हर्षित का शव बरामद हुआ था। यह स्थान हर्षित के घर से 200 मीटर दूरी पर है। गुलदार उस समय शिकारियों की गोली का शिकार हुआ जब क्षेत्र में आए तीनों शिकारी हरीश धामी, नवाब सैफी अली और राजीव सोलोमन गुलदार पर बारीकी से नजर गढ़ाए मचान पर बैठे थे। उसी समय बिजनौर के मशहूर शिकारियों को नवाब सैफी आशिफ और राजीव सोलोमन को आदमखोर गुलदार दिखाई। जिस पर उन्होंने पहले गुलदार को ट्रैकुलाइज करने की कोशिश की परंतु विफल रहे, जिसके बाद दोनों शिकारियों ने एक साथ गोली चलाई जो गुलदार के सर पर लगी और वह वहीं ढेर हो गया। आदमखोर को लेकर जारी असमंजस के बीच वन विभाग की रेंजर संचिता वर्मा ने खुद हर्षित के घर पर जाकर गुलदार को सबसे नजदीक से देखने वाली हर्षित की मां हेमा को मृतक गुलदार की फोटो दिखाई जिस पर उसने गुलदार के आदमखोर होने की पुष्टि की।
