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Uttarakhand avalanche alert today: 3 जिलों में हिमस्खलन का आरेंज अलर्ट
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Uttarakhand avalanche alert today: for 4 district orange yellow alerts 28 jan 2026: ऊँचाई वाले इलाकों में खतरे की आहट: उत्तराखंड के चार जिलों में हिमस्खलन को लेकर अलर्ट, प्रशासन सतर्क
Uttarakhand avalanche alert today: for 4 district orange yellow alerts 28 jan 2026: उत्तराखंड के ऊँचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में एक बार फिर मौसम का बड़ा अलर्ट जारी हुआ है। आगामी 24 घंटों के भीतर बर्फबारी और हिमस्खलन की आशंका को देखते हुए उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने सभी जनपदों को सतर्क कर दिया है। रक्षा भू-सूचना अनुसंधान संस्थान (DGRE), चंडीगढ़ की चेतावनी के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। बताया गया है कि मौसम संबंधी यह चेतावनी 27 जनवरी 2026 की शाम 5 बजे से 28 जनवरी 2026 की शाम 5 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान राज्य के कई ऊँचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी के साथ हिमस्खलन की स्थिति बन सकती है।
तीन जिलों में आरेंज अलर्ट, खतरा अधिक
पूर्वानुमान के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जनपदों को नारंगी श्रेणी (श्रेणी-3) में रखा गया है। इन क्षेत्रों में अधिकांश हिमस्खलन मार्गों पर गहरी और अस्थिर बर्फ जमा है, जिससे प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे हिमस्खलन मध्यम आकार के हो सकते हैं और घाटी तल तक पहुँच सकते हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन इलाकों में केवल चुने हुए और अपेक्षाकृत सुरक्षित मार्गों से ही अत्यधिक सावधानी के साथ सीमित आवागमन किया जाए। बर्फ से ढकी ढलानों पर किसी भी तरह की गतिविधि जोखिम भरी मानी जा रही है।
पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट
पिथौरागढ़ जनपद को पीली श्रेणी (श्रेणी-2) में रखा गया है। यहाँ कुछ हिमस्खलन मार्गों पर बर्फ की अस्थिरता दर्ज की गई है। सीमित क्षेत्रों में छोटे हिमस्खलन की आशंका बनी हुई है। ऐसे में घाटी क्षेत्रों में सावधानी के साथ आवाजाही संभव है, लेकिन बर्फीली ढलानों की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
बागेश्वर अपेक्षाकृत सुरक्षित, फिर भी सतर्कता जरूरी
बागेश्वर जनपद को हरी श्रेणी (श्रेणी-1) में रखा गया है, जहाँ स्थिति अपेक्षाकृत सामान्य है। हालांकि स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं बर्फ अस्थिर हो सकती है और बाहरी कारणों या मानवीय गतिविधियों से सीमित स्थानों पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
जिलाधिकारियों को निगरानी के निर्देश
सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के निर्देश पर राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित जिलाधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने, समय पर सूचना साझा करने और स्थानीय स्तर पर सतर्कता सुनिश्चित करने को कहा है।
जनता से अपील: जोखिम न लें
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि चेतावनी अवधि के दौरान बर्फ से ढकी ढलानों और हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन न करें। बर्फबारी के समय या उसके बाद ढलानों के नीचे रुकने से बचें। घरों, अस्थायी आवासों और गोशालाओं की छतों पर जमी बर्फ को सुरक्षित तरीके से हटाते रहें।
यदि किसी कारणवश अत्यधिक बर्फबारी वाले ऊँचाई क्षेत्रों में अस्थायी रूप से रहना पड़ रहा हो, तो एक-दो दिनों के लिए सुरक्षित और निचले इलाकों में स्थानांतरित होना बेहतर विकल्प बताया गया है। सचिव विनोद कुमार सुमन ने स्पष्ट किया कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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