UTTARAKHAND NEWS पौड़ी गढ़वाल
Kotdwar mohmmad Deepak: कोटद्वार में मसीहा बने मोहम्मद दीपक को इनाम देंगे झारखंड के मंत्री
1 min read
kotdwar mohmmad Deepak get award by jharkhand health minister Irfan Ansari Uttarakhand breaking news: कोटद्वार की एक घटना, जिसने नफरत के शोर में इंसानियत की आवाज़ बुलंद कर दी, अब मसीहा बने दीपक को इनाम देंगे झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री…
kotdwar mohmmad Deepak get award by jharkhand health minister Irfan Ansari Uttarakhand breaking news: जब देश के अलग-अलग हिस्सों से रोज़ाना तनाव और टकराव की खबरें सामने आ रही हों, उसी दौर में उत्तराखंड के कोटद्वार से एक घटना ने सामाजिक सौहार्द की एक अलग तस्वीर पेश की है। यहां एक मुस्लिम बुजुर्ग दुकानदार के साथ कथित तौर पर “बाबा” शब्द हटाने को लेकर हुए विवाद में एक स्थानीय युवक दीपक कुमार उनके बचाव में सामने आए और देखते ही देखते यह मामला राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया। अब कोटद्वार के इसी मोहम्मद दीपक की इंसानियत भरी पहल की सराहना करते हुए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सार्वजनिक रूप से न सिर्फ उन्हें “सच्चा हिंदुस्तानी” कहा, बल्कि दो लाख रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा भी की है। मंत्री ने यह राशि अपने चार महीने के वेतन से देने का ऐलान किया है।
आपको बता दें कि यह पूरी घटना बीते 26 जनवरी की है। जब पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार में “बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर” नाम से दुकान चलाने वाले वकील अहमद पर बजरंग दल से जुड़े कुछ लोगों ने दुकान के नाम से “बाबा” शब्द हटाने का दबाव बनाया। माहौल गरमाने लगा और बुजुर्ग असहज स्थिति में घिरते चले गए। इसी बीच पड़ोस में जिम संचालित करने वाले दीपक कुमार वहां पहुंचे और बिना किसी झिझक के बुजुर्ग के साथ खड़े हो गए। तनावपूर्ण माहौल में जब भीड़ ने दीपक से उनका नाम पूछा, तो उन्होंने खुद को “मोहम्मद दीपक” बताया और सीधा सवाल किया—अब बताइए, क्या करना है। यही पल सोशल मीडिया पर इंसानियत और साहस की मिसाल बन गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि जब समाज में नफरत को हवा देने की कोशिशें तेज़ हों, तब दीपक जैसे लोग उम्मीद की रोशनी बनकर सामने आते हैं। मंत्री ने कहा कि दीपक ने सिर्फ एक बुजुर्ग की रक्षा नहीं की, बल्कि भारत की उस आत्मा को सामने रखा, जिसमें नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत बसती है। अपने बयान में इरफान अंसारी ने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई किसी समुदाय से नहीं, बल्कि उस सोच से है जिसने कभी देश को बांटने और गुलामी में जकड़ने का काम किया। उनके अनुसार दीपक का साहस उसी आज़ादी की भावना को जीवित करता है, जिसके लिए देश ने लंबा संघर्ष किया था।
मंत्री ने दीपक के कदम को गंगा-जमुनी तहज़ीब की जीवंत मिसाल बताया और कहा कि यह कोई छोटी घटना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सीख है। उन्होंने साफ कहा कि नफरत के सहारे राजनीति करने वालों के लिए यह घटना करारा जवाब है। इरफान अंसारी ने यह भी ऐलान किया कि वह जल्द ही दीपक को झारखंड बुलाकर स्वयं सम्मानित करेंगे। यह सम्मान किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि उस सोच के लिए होगा जो समाज को जोड़ती है, बांटती नहीं। आपको बता दें कि इससे पूर्व कांग्रेस पार्टी के नेता एवं लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी दीपक की तारीफ करते हुए उन्हें बब्बर शेर बताया था।
यह भी पढ़ें- Uttarakhand UPNL Breaking News: उत्तराखण्ड उपनल समान वेतन शासनादेश जारी
उत्तराखंड की सभी ताजा खबरों के लिए देवभूमि दर्शन के WHATSAPP GROUP से जुडिए।
👉👉TWITTER पर जुडिए।
