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Uttarakhand UPNL Breaking News: उत्तराखण्ड उपनल समान वेतन शासनादेश जारी
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Uttarakhand UPNL breaking news: GO released about equal work pay DA today: UPNL कर्मियों को बड़ी राहत, वर्षों की प्रतीक्षा के बाद न्यूनतम एवं समान वेतनमान और डीए का रास्ता साफ
Uttarakhand UPNL breaking news: GO released about equal work pay DA today: उत्तराखण्ड में उपनल (UPNL) के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों आउटसोर्स कार्मिकों के लिए आखिरकार लंबी जद्दोजहद के बाद 3 फरवरी का दिन राहत भरी खबर लेकर सामने आया है। लंबे समय से समान कार्य के बदले समान वेतन की मांग कर रहे उपनल कर्मियों को अब उनके पद के अनुरूप न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ता दिए जाने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला माननीय उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय, नैनीताल के आदेशों के अनुपालन में शासन स्तर पर लिया गया है। सबसे खास बात तो यह है कि उत्तराखंड शासन ने आज इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है।
सैनिक कल्याण अनुभाग द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार, जनहित याचिका संख्या 116/2018 (कुन्दन सिंह बनाम उत्तराखण्ड राज्य) में 12 नवंबर 2018 को पारित आदेश को कट-ऑफ डेट मानते हुए पात्रता तय की जाएगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि इस निर्णय को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि राज्य की वित्तीय व्यवस्था पर अचानक दबाव न पड़े।
पहले चरण में 10 साल की सेवा वाले कर्मियों को लाभ
शासनादेश में यह साफ किया गया है कि प्रथम चरण में उन उपनल कर्मियों को इसका लाभ मिलेगा, जिन्होंने लगातार 10 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। ऐसे कार्मिकों को उनके कार्यरत पद के सापेक्ष प्रारंभिक वेतनमान और देय महंगाई भत्ते के कुल योग के बराबर राशि मानदेय के रूप में दी जाएगी। यह व्यवस्था लंबे समय से अस्थिर रोजगार और सीमित आय में काम कर रहे कर्मियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
वेतन से GST या सर्विस टैक्स नहीं कटेगा
हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप शासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि उपनल कर्मियों के वेतन से किसी प्रकार का GST या सर्विस टैक्स नहीं काटा जाएगा। इससे कर्मियों को घोषित राशि का पूरा लाभ मिल सकेगा और उनके हाथ में आने वाली वास्तविक आय बढ़ेगी।
श्रेणी के अनुसार तय होगा वेतन स्तर
शासन ने अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल, उच्च कुशल और अधिकारी श्रेणी के कार्मिकों के लिए अधिकतम अनुमन्य वेतन लेवल निर्धारित कर दिए हैं। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्मिक की शैक्षिक योग्यता और कार्य प्रकृति के अनुसार ही उनकी तैनाती और वेतन निर्धारण किया जाए।
अब सीधे विभाग से होगा अनुबंध
एक अहम बदलाव के तहत अब उपनल कर्मियों को मानदेय का भुगतान विभाग और कार्मिक के बीच सीधे किए गए अनुबंध के आधार पर होगा। इसके लिए कार्मिक विभाग द्वारा अनुबंध का मानक प्रारूप जारी किया जाएगा। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है।
भविष्य में सीमित होगी उपनल की भूमिका
शासनादेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि आने वाले समय में उपनल के माध्यम से केवल भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास से जुड़े अस्थायी कार्य ही कराए जाएंगे। इससे संकेत मिलते हैं कि आउटसोर्स व्यवस्था में आगे और बदलाव किए जा सकते हैं।
दो माह में पूरी करनी होगी प्रक्रिया
सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र उपनल कर्मियों की सूची तैयार कर दो माह के भीतर सत्यापन और अनुबंध की प्रक्रिया पूरी करें तथा की गई कार्रवाई से शासन को अवगत कराएं। यह आदेश वित्त विभाग की सहमति के बाद सचिव दीपेन्द्र कुमार चौधरी द्वारा जारी किया गया है।




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